दिल्ली में भारी बारिश का रेड अलर्ट: 60 किमी/घंटा हवाएँ, बिजली गिरने का खतरा; यूपी-केरल समेत कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 25 अगस्त 2026 की सुबह से मूसलाधार बारिश जारी है, जिसके चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो से तीन घंटों के लिए पूरी दिल्ली में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और सुबह के व्यस्त घंटों में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
दिल्ली में रेड अलर्ट: क्या है खतरा
IMD के अनुसार, सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, न्यू दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ दिल्ली, साउथ ईस्ट दिल्ली, साउथ वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली — राजधानी के सभी ग्यारह जिलों में — लगभग 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएँ, बिजली गिरने, तूफान और अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है। पहले यह चेतावनी ऑरेंज अलर्ट के स्तर पर थी, जिसे बाद में रेड अलर्ट में बदल दिया गया — जो मौसम विभाग की सर्वोच्च चेतावनी श्रेणी है।
सुबह से ही बारिश की वजह से कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गई हैं। दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक और जलभराव के कारण लंबे समय तक जाम में फँसना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट: कौन-कौन से जिले प्रभावित
IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बागपत, बलिया, बांदा, बस्ती, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, जौनपुर, झांसी, कुशीनगर, महोबा, मऊ, मेरठ, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, शामली, सुल्तानपुर और वाराणसी में 40–60 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ तूफान, बिजली गिरने और मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।
अन्य राज्यों में भी अलर्ट: केरल, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड
मौसम विभाग ने कई अन्य राज्यों के जिलों को भी सतर्क किया है। केरल के कन्नूर, कासरगोड, कोझिकोड, लक्षद्वीप, मलप्पुरम, त्रिशूर और वायनाड में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका है। मध्य प्रदेश के छतरपुर, दतिया, ग्वालियर, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और टीकमगढ़ में भी ऐसी ही चेतावनी जारी है। हरियाणा के पानीपत और सोनीपत तथा उत्तराखंड के बागेश्वर, चंपावत, देहरादून, पिथौरागढ़ और टिहरी गढ़वाल में भी 40–60 किमी/घंटा की हवाओं के साथ तूफान और मध्यम वर्षा का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग की सलाह: क्या करें, क्या न करें
मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे पेड़ों या कमजोर ढाँचों के नीचे शरण न लें, सड़क और यातायात की स्थिति पर नज़र रखें, अनावश्यक यात्रा से बचें और संबंधित एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत में मानसून अपने चरम पर है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका बनी हुई है।
आने वाले घंटों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान देते रहने की सलाह दी गई है।