क्या दिल्ली में 9 करोड़ की साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार हुआ?

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क्या दिल्ली में 9 करोड़ की साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार हुआ?

सारांश

गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में नीरज मांडिया को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पिछले दो वर्षों में 81 करोड़ का लेन-देन हुआ है, जो एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

9 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का मामला नीरज मांडिया की गिरफ्तारी 81 करोड़ का लेन-देन पिछले दो वर्षों में साइबर क्राइम पुलिस की सक्रियता बड़े नेटवर्क का खुलासा

नोएडा, 25 जुलाई (राष्ट्र प्रेस) — गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने 9 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के एक मामले में दिल्ली के चावड़ी बाजार से शातिर ठग नीरज मांडिया को गिरफ्तार किया है।

यह गिरफ्तारी 24 जुलाई को हुई। पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके अस्पताल में कैशलेस बिलिंग के अंतर्गत मेडिकल भुगतान से जुड़ी लगभग 9 करोड़ रुपये की राशि धोखे से किसी और के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस मामले में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही अस्पताल के पूर्व रिकवरी अधिकारी और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब इस मामले में नीरज मांडिया का नाम सामने आया, जिसे पुलिस ने दिल्ली से पकड़ लिया।

पूछताछ में नीरज ने खुलासा किया कि उसने अपने नाम से 'मांडिया ट्रेडर्स' के नाम पर बैंक खाता खुलवाया था, जिसकी किट उसके साथियों शुभम और अन्य लोगों ने उपलब्ध कराई थी। इसी खाते में अस्पताल से धोखाधड़ी कर 2.50 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। इस काम के लिए नीरज को 10 हजार रुपए प्रति माह मिलता था। जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले दो वर्षों में उक्त बैंक खाते से करीब 81.36 करोड़ रुपए का लेन-देन किया गया है, जिसकी जांच जारी है।

साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक, यह एक बड़ा नेटवर्क है और आने वाले समय में इसमें शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है। पुलिस लगातार ऐसे लोगों को सर्विलांस पर लेकर उनकी जांच कर रही है जो इन सभी आरोपियों से किसी न किसी प्रकार से जुड़े हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि साइबर अपराधों की बढ़ती मात्रा हमारे समाज के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है। यह न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनता है, बल्कि लोगों के विश्वास को भी प्रभावित करता है। हमें समाज के सभी वर्गों को जागरूक करने और सुरक्षा उपायों को अपनाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीरज मांडिया को कब गिरफ्तार किया गया?
नीरज मांडिया को 24 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
इस ठगी में कुल कितनी राशि शामिल थी?
इस ठगी में कुल 9 करोड़ रुपए की राशि शामिल थी।
क्या पुलिस ने पहले भी आरोपियों को गिरफ्तार किया था?
हाँ, पुलिस ने पहले ही अस्पताल के पूर्व रिकवरी अधिकारी और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
पिछले दो वर्षों में इस खाते से कितना लेन-देन हुआ?
पिछले दो वर्षों में इस खाते से करीब 81.36 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ है।
क्या यह एक बड़ा नेटवर्क है?
हाँ, पुलिस के अनुसार यह एक बड़ा नेटवर्क है और इसमें अन्य लोगों की गिरफ्तारी संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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