क्या दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बच्चों को कुशल बनाने के लिए विशेष अभियान चला रही है? : किरेन रिजिजू

सारांश
Key Takeaways
- बच्चों की स्किल डेवलपमेंट के लिए विशेष अभियान
- सरकार द्वारा आर्थिक सहायता
- 5-6 महीने की ट्रेनिंग
- सफलता के लिए आवश्यक कौशल
- अल्पसंख्यक मंत्रालय और कमेटी का सहयोग
नई दिल्ली, 16 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अल्पसंख्यक एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा देश के युवाओं के लिए शुरू किए गए कई स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सिख बच्चों को कुशल बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "जब छात्र पढ़ाई में सफल होते हैं, तो खुशी होती है। देश में युवाओं की संख्या बहुत अधिक है। आज 10वीं या बीए की पढ़ाई करने से कुछ नहीं होने वाला, इसलिए स्किल डेवलपमेंट अत्यंत आवश्यक है। देश में इसके लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जन विकास योजना में सिखों और मुसलमानों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इस क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य कर रही है। बच्चों के लिए एक महीने की ट्रेनिंग शुरू की गई है, जिसमें वे बहुत कुछ सीख रहे हैं। सरकार हर ट्रेनिंग लेने वाले बच्चों को 2,000 रुपए प्रति महीना देगी। ट्रेनिंग के बाद बच्चे कंपनियों के साथ मिलकर काम करेंगे। यदि बच्चे कुशल बन जाते हैं, तो उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।"
उन्होंने आगे कहा, "दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सिख युवाओं के लिए ऐसे विशेष अभियान चला रही है। अल्पसंख्यक मंत्रालय और सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बीच जो सहयोग है, उसके तहत बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों ने एक महीने में बहुत कुछ सीखा है। आगे 5-6 महीने उनकी ट्रेनिंग और होगी, जिसके बाद उनकी प्लेसमेंट की जाएगी।"
इसके अतिरिक्त, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा भारतीय विदेश नीति पर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा, "अभी संसद सत्र की शुरुआत होने वाली है। सदन में जो भी विषय आएगा, हम उसे सुनेंगे। मंगलवार को मेरी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से बैठक हुई। विपक्ष के सीनियर नेताओं से बैठकें हो रही हैं। संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि सभी के साथ तालमेल बना रहे। लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि चर्चा के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है, हंगामा करने से कुछ नहीं होगा। विपक्ष के नेता विदेश नीति पर प्रधानमंत्री की आलोचना करते हैं, और देश को एकजुट करने की बजाय, आप प्रधानमंत्री के खिलाफ ही बोलते हैं, यह उचित नहीं है।