डेरेक ओ ब्रायन का आरोप: ईडी बनी 'बेहद हताश' एजेंसी
सारांश
Key Takeaways
- ईडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
- परिसीमन से होने वाली असमानता पर चिंता व्यक्त की गई।
- महिला आरक्षण बिल का मुद्दा उठाया गया।
- चुनाव नतीजों पर टीएमसी का भरोसा।
- राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा जारी है।
कोलकाता, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, टीएमसी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने केंद्र सरकार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और संभावित परिसीमन पर तीखा हमला किया। उन्होंने कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी महत्वपूर्ण दावे किए।
डेरेक ओ ब्रायन ने ईडी को 'बेहद हताश' बताते हुए कहा कि यह एक 'इमोशनल सबोटाज' का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ईडी के 5,900 मामलों में से महज 0.1 प्रतिशत में ही सजा हो पाती है, जिससे इसके कामकाज पर कई सवाल उठते हैं।
परिसीमन पर बात करते हुए, उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले बार संसद की सीटों में 50 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव था। उदाहरण देते हुए कहा कि तमिलनाडु की 39 सीटें बढ़कर लगभग 59 हो सकती हैं, जबकि उत्तर प्रदेश की 80 सीटें बढ़कर 120 या उससे अधिक हो सकती हैं। उन्होंने इसे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच बढ़ती असमानता का कारण बताया।
डेरेक ओ ब्रायन ने ईडी को 'राजनीतिक औजार' कहा और विनेश चंदेल की बिना शर्त रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अंततः बंगाल के लोग अंतिम निर्णय करेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "अमित शाह और नरेंद्र मोदी कुछ दिनों के लिए यहां रहेंगे। हम आपको आपके पहले नाम से बुलाएंगे, क्योंकि आपने हमारी मुख्यमंत्री को उनके पहले नाम से पुकारा था।"
चुनावी आंकड़ों का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि 2021 के चुनाव में भाजपा 47 सीटों पर लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ आगे थी। अगर भाजपा इस बार 47 से कम सीटों पर रहती है, तो यह उनके लिए निराशाजनक होगा, जबकि उनका लक्ष्य 47 से 77 सीटों के बीच होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के दावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने 226 सीटों और अभिषेक बनर्जी ने 213 से अधिक सीटों का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल आंकड़ों की बात करती है जबकि टीएमसी जमीनी सच्चाई पर काम करती है।
महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में पेश होने वाले संवैधानिक संशोधन बिल का कोई ड्राफ्ट अभी तक सामने नहीं आया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "यह भारत का संविधान है, कोई गुजरात जिमखाना नहीं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को बिना जानकारी दिए प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल महिला आरक्षण से संबंधित नहीं है, क्योंकि महिला आरक्षण बिल 2023 में पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। यह बिल केवल परिसीमन से संबंधित है।
डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि टीएमसी इस मुद्दे पर अपनी रणनीति सार्वजनिक नहीं करेगी, लेकिन वह विपक्ष की बैठक में भाग लेगी और वहीं आगे की रणनीति तय करेगी।
उन्होंने 1998 का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने संसद में जो बातें उस समय कही थीं, वही बातें अब भाजपा दोहराने की कोशिश कर रही है।
चुनावी नतीजों को लेकर उन्होंने दावा किया कि कोलकाता में 11-0, दक्षिण 24 परगना में 31-0, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना में भी टीएमसी मजबूत स्थिति में रहेगी। उन्होंने कहा कि यह कोई भविष्यवाणी नहीं बल्कि चुनावी आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण है।
उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि देश की दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयुक्त से मिलने जाता है और उसे 'गेट लॉस्ट' कहा जाता है, तो आम लोगों की क्या स्थिति होगी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और टीएमसी हमेशा जनता के साथ खड़ी हैं।