क्या देश में अराजकता को स्वीकार किया जा सकता है? जदयू ने जेएनयू कैंपस में विवादित नारों की निंदा की

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क्या देश में अराजकता को स्वीकार किया जा सकता है? जदयू ने जेएनयू कैंपस में विवादित नारों की निंदा की

सारांश

जदयू ने जेएनयू कैंपस में हुए विवादित प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि देश में अराजकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बांग्लादेश और वेनेजुएला पर भी अपने विचार व्यक्त किए। जानिए इस मामले में क्या कुछ कहा गया है।

Key Takeaways

  • जदयू ने जेएनयू में प्रदर्शन की निंदा की।
  • अराजकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
  • राजीव रंजन प्रसाद ने बांग्लादेश और वेनेजुएला पर विचार व्यक्त किए।

पटना, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में प्रदर्शन की जनता दल (यूनाइटेड) ने कड़ी निंदा की है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि इस देश में किसी भी प्रकार की अराजकता को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत खारिज करने के बाद देर रात जेएनयू कैंपस में प्रदर्शन हुआ, जिसमें विवादित नारे लगाए गए।

इस संदर्भ में राजीव रंजन प्रसाद ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी के लिए मान्य है। न्यायालय के निर्णय को सभी को स्वीकार करना चाहिए। इसलिए प्रदर्शन की इस प्रकार की भर्त्सना की जानी चाहिए। यह गतिविधियां बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं।"

इसी बीच, उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता शिवराज सिंह यादव की 'मैं हिंदू नहीं यादव हूं' टिप्पणी पर भी कहा, "यह उनका व्यक्तिगत अधिकार है कि वे जिस धर्म का पालन करना चाहें, करें। आस्था हर किसी का निजी मामला है और इस पर किसी को राय देने का अधिकार नहीं है।"

राजीव रंजन प्रसाद ने बांग्लादेश में बिगड़ते हालात पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। सिर्फ निंदा करने से वैश्विक समुदाय अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सकता। अब ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।"

वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है। जदयू ने कहा कि वेनेजुएला की घटनाओं पर करीबी नजर रखी जा रही है।

Point of View

बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को भी दर्शाता है। देश में अराजकता और असहमति की आवाज़ों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। सभी के विचारों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन अराजकता का समर्थन नहीं किया जा सकता।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

जदयू ने जेएनयू में प्रदर्शन क्यों किया?
जदयू ने जेएनयू में उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में हुए विवादित प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है।
राजीव रंजन प्रसाद ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि देश में किसी भी प्रकार की अराजकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बांग्लादेश के हालात पर जदयू का क्या कहना है?
राजीव रंजन प्रसाद ने बांग्लादेश में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता जताई है।
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