क्या तिलकधारी और भगवाधारी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी शासन करेंगे?: देवकी नंदन ठाकुर
सारांश
Key Takeaways
- हिंदू एकता का आह्वान
- सनातन धर्म की रक्षा
- राजनीतिक बयानबाजी पर प्रतिक्रिया
- हिंदू संस्कृति का महत्व
- सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा
बुलंदशहर, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए देवकी नंदन ठाकुर ने इसका न केवल विरोध किया, बल्कि हिंदू राष्ट्र, सनातन परंपरा और वैश्विक स्तर पर हिंदू एकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
देवकी नंदन ठाकुर ने कहा, "हमारा सपना है कि एक तिलकधारी और भगवाधारी न केवल भारत में, बल्कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी शासन करेगा।"
उन्होंने बताया कि कुछ लोगों का हमेशा से उद्देश्य हिंदू मंदिरों को नष्ट करना, हिंदू आस्था को कमजोर करना और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना रहा है। जहां-जहां वे सफल हुए, वहां उन्होंने काशी, राम जन्मभूमि और कृष्ण जन्मभूमि जैसे पवित्र स्थलों को नुकसान पहुंचाया। और जहां वे असफल रहे, वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा और भागने को मजबूर हुए।
देवकी नंदन ठाकुर ने आगे कहा कि 1,000 साल बाद भी सोमनाथ मंदिर वहीं खड़ा है। भगवान राम का भव्य मंदिर बन चुका है, कृष्ण मंदिरकाशी विश्वनाथ मंदिर भी बनेगा। सनातन की इस पवित्र भूमि पर एक दिन सनातन धर्म की ध्वजा पूरी शान से फहरेगी।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। भागवत ने कहा था कि 20 से 30 साल बाद भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो जाएगा। इस पर देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि हिंदू राष्ट्र, सनातन राष्ट्र और सनातनी बहन-बेटियों की रक्षा की मुहिम हमें कल से नहीं, बल्कि आज से ही शुरू करनी होगी।
उन्होंने कहा कि हमें प्रयास करना होगा कि सनातनी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश और इंग्लैंड जैसे देशों में भी सुरक्षित रहें और हिंदुस्तान में किसी पर भी बुरी नजर न पड़े। इसके लिए बिना एक दिन गंवाए तैयारी शुरू करनी होगी और सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।