क्या व्यायाम करना और जंक फूड का उपयोग सीमित करना ज़रूरी है? : सीएम मोहन यादव

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क्या व्यायाम करना और जंक फूड का उपयोग सीमित करना ज़रूरी है? : सीएम मोहन यादव

सारांश

सीएम मोहन यादव ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर व्यायाम और जंक फूड के सीमित उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने सूर्य नमस्कार के महत्व को बताया और बच्चों में पढ़ाई के साथ-साथ स्वाध्याय की आदत विकसित करने की आवश्यकता की बात की। यह संदेश स्वास्थ्य और संस्कृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है।

Key Takeaways

  • व्यायाम का नियमित अभ्यास स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
  • जंक फूड का सीमित सेवन आवश्यक है।
  • सूर्य नमस्कार से ऊर्जा का संचार होता है।
  • बच्चों में पढ़ाई के साथ स्वाध्याय की आदत विकसित करनी चाहिए।
  • पर्यावरण की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।

भोपाल, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि उन्हें प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए और जंक फूड का उपयोग सीमित करना चाहिए।

राजधानी भोपाल में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने कहा कि जंक फूड का अधिक सेवन शरीर को विकृति की ओर ले जाता है, इसलिए इसका सीमित उपयोग होना चाहिए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सूर्य नमस्कार सूर्य नारायण से संबंधित है, जिससे जीवन और सृष्टि में ऊर्जा का संचार होता है। भारतीय परंपरा में हर पर्व, त्योहार और शुभ कार्य का प्रारंभ दीप प्रज्वलन से होता है। दीप प्रज्वलन सूर्यारायण देवता का प्रतीक है, जिससे जीवन की सार्थकता सिद्ध होती है। सूर्य के माध्यम से प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में पौधों और मानव जीवन दोनों में ऊर्जा का संचार होता है। योग का मानव जीवन में कितना महत्व है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन को उत्कृष्टता की ओर ले जाने का समग्र मार्ग है। योग के लिए पर्याप्त समय न हो, तो 12 सूर्य नमस्कार के माध्यम से अधिकांश योग क्रियाओं का अभ्यास संभव है।

उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए स्वयं को तैयार करना आवश्यक है। हमारी संस्कृति और विरासत को सहेजना हम सभी का दायित्व है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बच्चों में केवल पाठ्यक्रम ही नहीं, बल्कि पाठ्यक्रम से बाहर पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। स्वाध्याय मानसिक सुख, शांति और आंतरिक संतुलन का प्रमुख साधन है।

उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहते हुए पेड़ लगाना और जल संरक्षण करना आवश्यक है। प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे का व्यायाम और किसी एक खेल को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। वहीं महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करना सामाजिक जिम्मेदारी है। व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी आवश्यक है। अपनी भावनाओं को परिवार और मित्रों के साथ साझा करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। जीवन में हताशा नहीं, बल्कि आशा का भाव बनाए रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के साथ किया जाना चाहिए। स्वामी विवेकानंद के विचार युवा शक्ति को राष्ट्रभक्ति और मानवता से जोड़ते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अपनी सनातन संस्कृति के साथ विश्व में आगे बढ़ रहा है। हिंदुत्व राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान है और इस पर गर्व किया जाना चाहिए।

Point of View

बल्कि समाज में जिम्मेदारी और जागरूकता फैलाने का भी है। ऐसे समय में जब हम तेज़ी से बदलते युग में हैं, यह आवश्यक है कि हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी सहेजें।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

व्यायाम के क्या फायदे हैं?
व्यायाम करने से शरीर स्वस्थ रहता है, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और ऊर्जा स्तर बढ़ता है।
जंक फूड का सीमित उपयोग क्यों जरूरी है?
जंक फूड का अधिक सेवन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है, जैसे मोटापा और अन्य बीमारियां।
सूर्य नमस्कार का महत्व क्या है?
सूर्य नमस्कार योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी है।
स्वाध्याय की आदत कैसे विकसित करें?
पुस्तकें पढ़ने और विभिन्न विषयों पर शोध करने से स्वाध्याय की आदत विकसित की जा सकती है।
पर्यावरण की सुरक्षा कैसे करें?
पेड़ लगाना, जल संरक्षण करना और प्लास्टिक का उपयोग कम करना पर्यावरण की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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