क्या डिजिटल डिटॉक्स आपके तन-मन के लिए आवश्यक है? जानें स्क्रीन से ब्रेक लेने के फायदे!
सारांश
Key Takeaways
- मानसिक स्वास्थ्य: तनाव को कम करने में मदद करता है।
- रिश्तों में मजबूती: परिवार के साथ समय बिताने का अवसर देता है।
- रचनात्मकता में वृद्धि: नई सोच के लिए जगह बनाता है।
- सकारात्मक बदलाव: छोटे-छोटे बदलाव जीवन में बड़े प्रभाव डालते हैं।
- स्वास्थ्य लाभ: नींद और तनाव में सुधार लाता है।
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज के तेज़ रफ्तार और डिजिटल युग में, जहां लोग लगातार अपने फ़ोन, लैपटॉप और टीवी से जुड़े रहते हैं, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए डिजिटल डिटॉक्स की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, लगातार स्क्रीन टाइम आंखों की थकान, सिरदर्द, तनाव और नींद की कमी जैसी समस्याओं को बढ़ावा देता है। गैजेट्स पर बढ़ती निर्भरता से न केवल मन और शरीर प्रभावित होते हैं बल्कि रचनात्मकता भी खत्म होती है। ऐसे में खुद के लिए समय निकालकर डिजिटल ब्रेक लेना न केवल आवश्यक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी भी है।
डिजिटल डिटॉक्स का अर्थ है कुछ समय के लिए मोबाइल, कंप्यूटर, सोशल मीडिया और टीवी से पूरी तरह दूरी बनाना। इससे दिमाग को आराम मिलता है, तनाव कम होता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है। कई लोग अब इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम देख रहे हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि डिजिटल डिटॉक्स करने के लिए कुछ आसान और प्रभावी तरीके हैं- रोजाना कम से कम 1 घंटा बिना किसी स्क्रीन के बिताएं। इस दौरान फोन को साइलेंट मोड पर या दूर रखें। घर में एक नो-डिजिटल जोन बनाएं, जैसे बेडरूम या डाइनिंग एरिया, जहां कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस न ले जाया जाए। रोज कुछ समय प्रकृति के साथ बिताएं। पार्क में टहलें, पेड़-पौधों के बीच समय गुजारें या घर की बालकनी में बैठकर ताज़ी हवा लें। पुस्तक पढ़ने की पुरानी आदत को फिर से शुरू करें। कागज वाली किताबें पढ़ना दिमाग को सबसे अधिक सुकून देता है। खाने के समय मोबाइल और लैपटॉप को पूरी तरह बंद रखें। परिवार के साथ बातचीत करें और भोजन का असली आनंद लें।
डिजिटल डिटॉक्स न केवल तनाव को कम करता है, बल्कि रिश्तों को मजबूत बनाने, रचनात्मकता को बढ़ाने और खुद से बेहतर जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है। ऐसे में ये छोटे-छोटे बदलाव तन-मन को स्वस्थ रखने में बहुत सहायक होते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुरुआत धीरे-धीरे करें। पहले केवल शाम के 30-40 मिनट से शुरू करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाते जाएं।