PM मोदी के जन्मदिन पर 25 दिव्यांगों ने किए रामलला के दर्शन, अयोध्या में मांगी लंबी उम्र की दुआ
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर 2026 को दिल्ली के पूर्व मेयर श्याम सुंदर अग्रवाल 25 दिव्यांगों सहित कुल 60 लोगों के साथ अयोध्या पहुँचे और रामलला के दर्शन किए। सभी श्रद्धालुओं ने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में पूजन-अर्चन कर प्रधानमंत्री के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
हवाई मार्ग से अयोध्या का सफर
पूर्व मेयर श्याम सुंदर अग्रवाल ने बताया कि यह उनकी 8वीं हवाई यात्रा है, जो प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। उन्होंने कहा, 'दिल्ली से हवाई मार्ग से 25 दिव्यांगों के साथ 60 लोगों को लेकर अयोध्या आए हैं। विश्व के सर्वोच्च नेता नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर यहाँ आए हैं।' उनके अनुसार हर वर्ष यह यात्रा इसी अवसर पर निकाली जाती है।
रामलला से क्या माँगी दुआ
अग्रवाल ने बताया कि समूह ने पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन किए, तत्पश्चात राम मंदिर में रामलला की पूजा-अर्चना की। उनके शब्दों में, 'हम लोगों ने रामलला से प्रार्थना की कि उनकी लंबी आयु और स्वस्थ जीवन हो।' उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीर्घायु और पुनः मुख्यमंत्री बनने की कामना भी भगवान से की।
दिव्यांग श्रद्धालुओं की भावना
यात्रा में शामिल दिव्यांग श्रद्धालु ओम ने कहा, 'श्याम सुंदर अग्रवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हमें दिल्ली से अयोध्या दर्शन कराने के लिए लाए हैं। भगवान से हम लोगों ने यही कामना की है कि प्रधानमंत्री मोदी को लंबी उम्र दें।' श्रद्धालु आरूही ने बताया कि वे पहली बार फ्लाइट से अयोध्या आई हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री की दीर्घायु के लिए आशीर्वाद माँगा।
अग्रवाल का मुख्यमंत्री योगी पर बयान
श्याम सुंदर अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को 'उत्तम प्रदेश' बनाया है, महिलाओं को सुरक्षा दी और कानून-व्यवस्था अच्छी की है।' उन्होंने अपेक्षा जताई कि योगी आदित्यनाथ एक बार पुनः प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। श्रद्धालु अशोक कुमार कपूर ने कहा कि यह उनकी पहली हवाई यात्रा थी और उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री को दीर्घायु प्रदान हों।
आगे की राह
यह आयोजन हर वर्ष 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर समाज के वंचित और दिव्यांग वर्ग को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने की परंपरा का हिस्सा बन चुका है। इस पहल के माध्यम से अग्रवाल का लक्ष्य दिव्यांग जनों को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है, जो अन्यथा उनके लिए दुर्लभ हो सकता है।