13 जुलाई 2026
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डी.के. शिवकुमार को CM बनाने की कामना: मैसूर में नारियल फोड़कर पूजा, सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकल तेज

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डी.के. शिवकुमार को CM बनाने की कामना: मैसूर में नारियल फोड़कर पूजा, सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकल तेज

सारांश

कर्नाटक में सत्ता की खींचतान एक नए मोड़ पर है — सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलों के बीच मैसूर में एक समर्थक ने नारियल फोड़कर डी.के. शिवकुमार के CM बनने की प्रार्थना की। कांग्रेस हाईकमान की चुप्पी के बावजूद जमीनी स्तर पर उत्साह साफ दिख रहा है।

मुख्य बातें

मैसूर में कर्नाटक आर्मी के जिला अध्यक्ष तेजेश लोकेश गौड़ा ने भगवान गणपति की पूजा कर डी.के.
शिवकुमार के CM बनने की कामना की।
कांग्रेस कार्यकर्ता उमाशंकर ने दावा किया कि शिवकुमार 'कल' मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे — हाईकमान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि मुख्यमंत्री का चुनाव कांग्रेस का 'आंतरिक मामला' है।
कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने सिद्धारमैया की तारीफ करते हुए नए नेतृत्व को 'सकारात्मक कदम' बताया।
शिवकुमार की लिंगायत और वोकलिगा समुदायों में मजबूत पकड़ उन्हें CM पद का दावेदार बनाती है।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी सरगर्मी 28 मई 2026 को उस वक्त और बढ़ गई, जब मैसूर में एक कांग्रेस समर्थक ने डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की और नारियल फोड़ा। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलें जोर पकड़ रही हैं।

मैसूर में पूजा-अर्चना का घटनाक्रम

कर्नाटक आर्मी के मैसूर जिला अध्यक्ष तेजेश लोकेश गौड़ा ने भगवान गणपति की विधिवत पूजा कर शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की प्रार्थना की। नारियल फोड़कर उन्होंने कामना की कि शिवकुमार एक सफल और जनप्रिय मुख्यमंत्री साबित हों। गौड़ा ने कहा, 'हमने पूजा-अर्चना की और नारियल फोड़कर डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की कामना की। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब उनके पास मुख्यमंत्री बनने का अवसर है। हमने भगवान गणपति से प्रार्थना की कि वे एक अच्छे मुख्यमंत्री बनें।'

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह

बेंगलुरु में कांग्रेस कार्यकर्ता उमाशंकर ने दावा किया कि 'डी.के. शिवकुमार कल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और हम इसे बड़े ही भव्य पैमाने पर मनाएंगे।' हालाँकि यह दावा कार्यकर्ता स्तर का है और कांग्रेस हाईकमान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार गुटों के बीच सत्ता की खींचतान चर्चा में रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, हाईकमान दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच संतुलन बनाते हुए फैसला ले सकती है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई में कहा, 'कर्नाटक में हमेशा से शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा होती रही है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी किसे मुख्यमंत्री चुनती है, यह उनका आंतरिक मामला है।'

नागपुर में कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने सिद्धारमैया की तारीफ करते हुए कहा, 'सिद्धारमैया हमारी पार्टी के बहुत वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर अच्छा काम किया है। वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करते हुए नए और युवा नेतृत्व को आगे लाना एक सकारात्मक कदम है।'

शिवकुमार की राजनीतिक पकड़

डी.के. शिवकुमार की कर्नाटक में लिंगायत और वोकलिगा समुदायों के बीच मजबूत पकड़ मानी जाती है। उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह ऐसे समय में है जब कर्नाटक कांग्रेस आगामी विधान परिषद चुनावों की तैयारी में भी जुटी है।

विधान परिषद चुनावों पर वडेट्टीवार ने कहा, 'पहले उम्मीदवारों की घोषणा होने दीजिए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी सूची को अंतिम रूप दे दिया है, उसके बाद हम भी अपनी सूची जारी करेंगे।'

आगे क्या होगा

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलों का दौर जारी है, लेकिन अभी तक पार्टी हाईकमान की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अगर शिवकुमार मुख्यमंत्री बनते हैं, तो यह कर्नाटक कांग्रेस में एक नई राजनीतिक पारी की शुरुआत मानी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर बार बिना किसी ठोस नतीजे के शांत हो जाती हैं — यह कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा लगता है जिसमें दोनों गुटों को संतुलित रखा जाता है। असली सवाल यह है कि क्या हाईकमान इस बार वास्तव में नेतृत्व परिवर्तन करेगी, या यह फिर एक और 'जल्द होगा' का चक्र बनकर रह जाएगा। विधान परिषद चुनावों की आहट के बीच यह सियासी हलचल कर्नाटक कांग्रेस की आंतरिक बेचैनी को उजागर करती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डी.के. शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री कब बनेंगे?
अभी तक कांग्रेस हाईकमान की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। कार्यकर्ता स्तर पर दावे किए जा रहे हैं, लेकिन नेतृत्व परिवर्तन की कोई तारीख तय नहीं है।
सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलें क्यों उठ रही हैं?
कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से सिद्धारमैया और शिवकुमार गुटों के बीच सत्ता की खींचतान चल रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार हाईकमान दोनों नेताओं के बीच संतुलन बनाते हुए फैसला ले सकती है।
तेजेश लोकेश गौड़ा कौन हैं और उन्होंने पूजा क्यों की?
तेजेश लोकेश गौड़ा कर्नाटक आर्मी के मैसूर जिला अध्यक्ष हैं। उन्होंने भगवान गणपति की पूजा कर और नारियल फोड़कर डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की कामना की।
डी.के. शिवकुमार की कर्नाटक में क्या राजनीतिक ताकत है?
शिवकुमार की लिंगायत और वोकलिगा समुदायों के बीच मजबूत पकड़ मानी जाती है। उन्होंने कर्नाटक कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
कांग्रेस के अन्य नेताओं ने इस पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इसे कांग्रेस का 'आंतरिक मामला' बताया, जबकि कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने सिद्धारमैया की तारीफ करते हुए नए नेतृत्व को 'सकारात्मक कदम' कहा।
राष्ट्र प्रेस
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