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क्या डीके शिवकुमार नेशनल हेराल्ड नोटिस को कोर्ट में चुनौती देंगे?

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क्या डीके शिवकुमार नेशनल हेराल्ड नोटिस को कोर्ट में चुनौती देंगे?

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नेशनल हेराल्ड मामले में मिले नोटिस को कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यह केवल उन्हें परेशान करने का प्रयास है। जानें, उन्होंने क्या कहा और इस मामले में उनकी आगे की रणनीति क्या होगी।

मुख्य बातें

डीके शिवकुमार ने नेशनल हेराल्ड मामले में नोटिस को कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि यह उन्हें परेशान करने का प्रयास है।
ईडी को सभी आवश्यक जानकारी पहले ही दे दी गई थी।
नोटिस का उद्देश्य राजनीतिक प्रतिशोध प्रतीत होता है।
डीके सुरेश को भी नोटिस मिला है।

बेंगलुरु, ६ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नेशनल हेराल्ड मामले के संदर्भ में प्राप्त नोटिस को कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि नोटिस को ठीक से समझने के बाद वे इसका उचित जवाब देंगे और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शुक्रवार को डीके शिवकुमार को नेशनल हेराल्ड मामले में नोटिस भेजा था। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस का मानना है कि शिवकुमार के पास इस मामले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ हैं, जिसके चलते यह नोटिस जारी किया गया है।

डीके शिवकुमार ने नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह मेरे लिए आश्चर्यजनक है। मैंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सभी जानकारी दे दी थी। ईडी ने मुझे और मेरे भाई को बुलाया था। हमारे संस्थान में कुछ भी गलत नहीं है। कांग्रेस सदस्य होने के नाते, हमने इसका समर्थन किया है। हमें कुछ भी छिपाने की आवश्यकता नहीं है। सब कुछ स्पष्ट है।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं यह नहीं समझता कि ईडी की चार्जशीट के बाद पुलिस को मामला दर्ज करने की आवश्यकता क्यों थी। हम इसका सामना करेंगे और कानूनी अदालत में लड़ेंगे।"

डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि यह सब केवल उन्हें परेशान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह हमारा पैसा है और हम इसे किसी को भी दे सकते हैं। हम टैक्स देते हैं, और इसमें कुछ भी अवैध नहीं है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) का मामला पुराना है और चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।"

उपमुख्यमंत्री ने कहा, "सोनिया गांधी, राहुल गांधी और उनके समर्थकों को केवल परेशान करने के लिए यह सब किया जा रहा है। यह कन्फ्यूजन पैदा करने की कोशिश है। मुझे यह नोटिस कल (शुक्रवार) मिला है, यह अत्यंत आश्चर्यजनक है। मैं इसे पढ़कर समझ रहा हूँ, और पूरी तरह समझने के बाद जवाब दूंगा। डीके सुरेश (शिवकुमार के छोटे भाई और कांग्रेस सांसद) को भी नोटिस मिला है, क्योंकि उन्होंने दान दिया था।"

डीके शिवकुमार ने कहा कि नेशनल हेराल्ड और यंग इंडियन हमारी पार्टी की महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। आर्थिक संकट के समय, कांग्रेस नेताओं ने ट्रस्टों के माध्यम से मदद की थी। उन्होंने कहा, "मैं कानूनी दृष्टिकोण से इस नोटिस की जांच करूंगा। यह हमें परेशान करने के लिए किया जा रहा है, यह उचित नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूँ।"

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक नेताओं की छवि और उनकी पार्टी की स्थिति को प्रभावित करने के लिए न्यायिक प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस प्रकार के मामलों में निष्पक्षता और पारदर्शिता आवश्यक है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीके शिवकुमार ने किस मामले में नोटिस प्राप्त किया?
डीके शिवकुमार ने नेशनल हेराल्ड मामले में नोटिस प्राप्त किया।
डीके शिवकुमार का इस नोटिस पर क्या कहना है?
उन्होंने कहा है कि यह नोटिस उन्हें परेशान करने के लिए जारी किया गया है और वे इसे कोर्ट में चुनौती देंगे।
डीके शिवकुमार ने ईडी को क्या जानकारी दी थी?
डीके शिवकुमार ने सभी आवश्यक जानकारी प्रवर्तन निदेशालय को उपलब्ध कराई थी।
क्या डीके शिवकुमार के छोटे भाई को भी नोटिस मिला?
हाँ, डीके सुरेश को भी नोटिस मिला है।
डीके शिवकुमार का राजनीतिक दृष्टिकोण क्या है?
उन्होंने इसे एक राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देखा है।
राष्ट्र प्रेस
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