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डोंबिवली में ₹7.22 लाख की अवैध शराब जब्त, राजकोट भेजने से पहले तीन गिरफ्तार

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डोंबिवली में ₹7.22 लाख की अवैध शराब जब्त, राजकोट भेजने से पहले तीन गिरफ्तार

सारांश

दीव-दमन से राजकोट भेजी जा रही ₹7.22 लाख मूल्य की अवैध शराब की खेप डोंबिवली में पकड़ी गई। 7,920 सीलबंद बोतलों के साथ तीन गिरफ्तार; ठाणे क्राइम ब्रांच का बड़े तस्करी नेटवर्क को भेदने का प्रयास जारी।

मुख्य बातें

कल्याण क्राइम ब्रांच ने 30 सितंबर 2026 को डोंबिवली पूर्व के खंबालपाडा में छापा मारकर 7,920 सीलबंद बोतलें बरामद कीं।
जब्त शराब की कुल कीमत ₹7,22,700 आँकी गई है; परिसर से 19 प्लास्टिक पाइप भी जब्त।
शराब कथित तौर पर दीव-दमन से लाई गई थी और राजकोट, गुजरात में बेचने की तैयारी थी।
गिरफ्तार तीन आरोपी: हिरेन बक्कर उर्फ भानुशाली (30) , मनीष धुकर (40) और विपुल शुक्ला (22) ।
मामला तिलकनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज; तस्करी नेटवर्क की जांच जारी।

महाराष्ट्र पुलिस की कल्याण क्राइम ब्रांच ने 30 सितंबर 2026 को ठाणे जिले के डोंबिवली पूर्व स्थित खंबालपाडा इलाके में छापा मारकर ₹7,22,700 मूल्य की अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह शराब कथित तौर पर दीव-दमन क्षेत्र से लाई गई थी और गुजरात के राजकोट में तस्करी के लिए एक टिन के शेड में छिपाकर रखी गई थी।

छापेमारी का घटनाक्रम

क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि डोंबिवली पूर्व के खंबालपाडा स्थित शेलार मैदान के निकट एक टिन शेड में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में शराब जमा की गई है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने उक्त परिसर पर दबिश दी और तलाशी के दौरान विभिन्न ब्रांडों की 7,920 सीलबंद बोतलें बरामद कीं। परिसर से 19 प्लास्टिक पाइप भी जब्त किए गए।

गौरतलब है कि यह ऑपरेशन ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय की अपराध शाखा द्वारा अवैध शराब के भंडारण और विक्रय के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने मौके से तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की पहचान हिरेन शंकरभाई बक्कर उर्फ भानुशाली (30 वर्ष), मनीष पुरुषोत्तमभाई धुकर (40 वर्ष) और विपुल रामकृष्ण शुक्ला (22 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों के विरुद्ध तिलकनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

आपूर्ति श्रृंखला और जांच

प्रारंभिक जांच के अनुसार, शराब कथित तौर पर दीव-दमन से खरीदी गई थी — जो केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण शराब की बिक्री पर कोई राज्यकर नहीं लगाता — और उसे राजकोट, गुजरात पहुँचाने से पूर्व डोंबिवली में अस्थायी रूप से संग्रहीत किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में शराबबंदी लागू है, जिसके चलते अवैध आपूर्ति का आर्थिक प्रलोभन कई गुना बढ़ जाता है।

अपराध शाखा के अधिकारी अब शराब की खरीद, भंडारण और परिवहन की पूरी श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।

ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम

यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाया गया। टीम में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजीत शिंदे, सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश दलवी और एस. पाटिल, पुलिस सब-इंस्पेक्टर किरण भीसे तथा अन्य कर्मी शामिल थे।

आगे की जांच

अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जांच का केंद्र तस्करी के नेटवर्क की पूरी पड़ताल करना है — यानी किन स्रोतों से शराब आती है, किन रास्तों से गुज़रती है और कितने लोग इस कथित अवैध कारोबार से जुड़े हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव मानी जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या ऊपर तक के वित्त-पोषकों और आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँचती है। जब तक नेटवर्क की जड़ों पर प्रहार नहीं होता, ऐसी छापेमारी प्रभावशाली संख्या तो देती है, लेकिन तंत्र को नहीं तोड़ती।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डोंबिवली में पकड़ी गई अवैध शराब की खेप कहाँ से आई थी?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह शराब कथित तौर पर दीव-दमन क्षेत्र से लाई गई थी और राजकोट, गुजरात में बेचने से पहले डोंबिवली पूर्व के एक टिन शेड में छिपाकर रखी गई थी। दीव-दमन केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण वहाँ शराब पर राज्य कर नहीं लगता, जिससे तस्करी का आर्थिक प्रलोभन बढ़ जाता है।
इस मामले में कितनी शराब जब्त की गई और उसकी कीमत क्या है?
कल्याण क्राइम ब्रांच ने विभिन्न ब्रांडों की 7,920 सीलबंद बोतलें बरामद कीं, जिनकी कुल कीमत ₹7,22,700 बताई गई है। इसके अलावा परिसर से 19 प्लास्टिक पाइप भी जब्त किए गए।
इस मामले में कौन गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है — हिरेन शंकरभाई बक्कर उर्फ भानुशाली (30 वर्ष), मनीष पुरुषोत्तमभाई धुकर (40 वर्ष) और विपुल रामकृष्ण शुक्ला (22 वर्ष)। तीनों के विरुद्ध तिलकनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई किस अभियान के तहत की गई?
यह छापेमारी ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय की अपराध शाखा द्वारा अवैध शराब के भंडारण और विक्रय के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। ऑपरेशन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजीत शिंदे समेत कई अधिकारी शामिल थे।
आगे की जांच में क्या पता लगाने की कोशिश की जा रही है?
अपराध शाखा के अधिकारी शराब की खरीद, भंडारण और कथित तौर पर गुजरात ले जाने की पूरी आपूर्ति श्रृंखला तथा इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रहे हैं। आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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