पुणे पुलिस ने गोवंश की अवैध तस्करी के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया

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पुणे पुलिस ने गोवंश की अवैध तस्करी के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया

सारांश

पुणे के दौंड तालुका में गोवंश की अवैध तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो गायों को अमानवीय स्थिति में ले जा रहे थे।

Key Takeaways

  • पुणे में गोवंश की अवैध तस्करी का मामला सामने आया।
  • पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
  • जानवरों को अमानवीय स्थिति में ले जाने की रिपोर्ट मिली।
  • कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • बिना चारा और पानी के जानवरों को यातना दी गई।

पुणे, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड तालुका में गोवंश की अवैध तस्करी का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में दौंड पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह मामला शिकायतकर्ता देवयानी दिलीप लोणे (30), निवासी कुंजीरवाडी, तहसील हवेली की शिकायत पर दर्ज हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचित किया कि कुछ लोग गोवंश को अवैध और अमानवीय तरीके से ढो रहे हैं। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया आरंभ की।

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में आरोपी राहुल सुभाष शिंदे (निवासी शिरवली), संजय बालासो वेदपाठक (निवासी सांगवी) और सुशील विश्वल सोनवणे (निवासी पणदरे, तहसील बारामती) शामिल हैं। यह घटना दौंड तालुका के कुरकुंभ रोड पर स्थित चैतन्य लॉन्स के निकट सामने आई।

जांच में पता चला कि आरोपी लगभग 60 हजार रुपए मूल्य की छह जर्सी गायों को एक आयशर कंपनी के टेम्पो में भरकर ले जा रहे थे। इस वाहन की कीमत लगभग 2 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन और सभी गायों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने महाराष्ट्र पशु संरक्षण कानून और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1) के तहत कार्रवाई की है।

सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि इन जानवरों को बिना चारा, पानी या चिकित्सा सुविधा के अमानवीय स्थिति में ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। प्रारंभिक जांच में यह संदेह व्यक्त किया गया है कि इन गायों को कत्ल के लिए ले जाया जा रहा था, जो कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।

दौंड पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले की जांच पुलिस हवलदार निकम कर रहे हैं, जबकि मामला दर्ज करने की प्रक्रिया पुलिस हवलदार चव्हाण द्वारा पूरी की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के साथ क्रूरता और अवैध ढुलाई के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

Point of View

लेकिन ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए सख्त कानून और जागरूकता की आवश्यकता है।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

गोवंश की अवैध तस्करी क्या है?
गोवंश की अवैध तस्करी का मतलब गायों को बिना किसी कानूनी अनुमति के और अमानवीय तरीके से ले जाना है।
पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्या आरोपियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई हुई?
हाँ, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
पशु संरक्षण कानून क्या कहता है?
पशु संरक्षण कानून के अनुसार, पशुओं के साथ क्रूरता और अवैध ढुलाई के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है।
क्या यह मामला अन्य स्थानों पर भी हो सकता है?
हाँ, ऐसे मामलों की संभावना अन्य स्थानों पर भी हो सकती है, और इसके लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
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