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दहेज केस में भगोड़ा आरोपी जितेंद्र गिरफ्तार, द्वारका पुलिस की एंटी-PO सेल ने मोहन गार्डन से दबोचा

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दहेज केस में भगोड़ा आरोपी जितेंद्र गिरफ्तार, द्वारका पुलिस की एंटी-PO सेल ने मोहन गार्डन से दबोचा

सारांश

दिल्ली की द्वारका पुलिस की एंटी-PO सेल ने दहेज मामले में दो साल से फरार चल रहे जितेंद्र को मोहन गार्डन से गिरफ्तार किया। अक्टूबर 2024 में भगोड़ा घोषित यह आरोपी अब ट्रायल का सामना करेगा।

मुख्य बातें

द्वारका PO सेल ने दहेज केस के भगोड़े आरोपी जितेंद्र (33) को 10 सितंबर 2026 को मोहन गार्डन, दिल्ली से गिरफ्तार किया।
आरोपी को 4 अक्टूबर 2024 को द्वारका कोर्ट (एलडी जेएमएफसी, साउथ-वेस्ट) ने भगोड़ा घोषित किया था।
मामला थाना मोहन गार्डन में दर्ज दहेज उत्पीड़न की एफआईआर से संबंधित है।
गिरफ्तारी टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने किया; DCP कुशल पाल सिंह, आईपीएस के निर्देश पर ऑपरेशन संचालित हुआ।
पुलिस के अनुसार आरोपी की किसी अन्य मामले में संलिप्तता नहीं पाई गई है।

दिल्ली के द्वारका जिले की एंटी-जेल बेल एंड प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर (PO) सेल ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में ट्रायल से फरार चल रहे आरोपी को 10 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान जितेंद्र (उम्र 33), निवासी रूप नगर, दिल्ली के रूप में हुई है, जिसे द्वारका कोर्ट द्वारा 4 अक्टूबर 2024 को भगोड़ा घोषित किया गया था।

मामले की पृष्ठभूमि

जितेंद्र के खिलाफ थाना मोहन गार्डन में दहेज से संबंधित एफआईआर दर्ज थी। एमएस वैशाली सिंह, एलडी जेएमएफसी, साउथ-वेस्ट, द्वारका कोर्ट ने कार्यवाही में अनुपस्थित रहने पर आरोपी को आधिकारिक रूप से भगोड़ा करार दिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की किसी अन्य आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं पाई गई है।

गिरफ्तारी की कार्रवाई

द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) कुशल पाल सिंह, आईपीएस के निर्देशन में एसीपी ऑपरेशन्स सुभाष मलिक की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने किया, जिसमें पीओ एंड जेल बेल सेल द्वारका के हेड कांस्टेबल राहुल यादव और कांस्टेबल अशोक शामिल रहे।

10 सितंबर 2026 को टीम को गुप्त सूचना मिली कि जितेंद्र की उपस्थिति रूप नगर क्षेत्र में संभावित है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम रूप नगर पहुँची और जाल बिछाकर आरोपी को मोहन गार्डन, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का बयान

DCP कुशल पाल सिंह ने बताया कि न्याय व्यवस्था में सहयोग सुनिश्चित करने के लिए भगोड़े और घोषित अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। द्वारका जिले की PO सेल नियमित रूप से ऐसे फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाने का कार्य करती है।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद जितेंद्र को संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, जहाँ दहेज उत्पीड़न के मामले में ट्रायल आगे बढ़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, जिले में भगोड़े अपराधियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध ऑपरेशन जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दिल्ली पुलिस की उस नियमित लेकिन ज़रूरी कार्यवाही का हिस्सा है, जो ट्रायल से बचने वाले आरोपियों को अदालत के सामने लाती है। दहेज उत्पीड़न के मामलों में भगोड़े आरोपियों की संख्या एक गंभीर चुनौती रही है, जो न्याय प्रक्रिया को लंबा खींचती है और पीड़ित परिवारों को असहाय छोड़ती है। PO सेल जैसी विशेष इकाइयों की सक्रियता इस अंतर को भरने का प्रयास है, हालाँकि व्यापक प्रभाव तभी दिखेगा जब ट्रायल समयबद्ध तरीके से पूरे हों।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

द्वारका पुलिस ने दहेज केस में किसे गिरफ्तार किया?
द्वारका पुलिस की एंटी-PO सेल ने दहेज उत्पीड़न के मामले में फरार चल रहे जितेंद्र (उम्र 33), निवासी रूप नगर, दिल्ली को गिरफ्तार किया। उसे 10 सितंबर 2026 को मोहन गार्डन से पकड़ा गया।
जितेंद्र को भगोड़ा कब और किसने घोषित किया था?
जितेंद्र को 4 अक्टूबर 2024 को द्वारका कोर्ट की एमएस वैशाली सिंह, एलडी जेएमएफसी, साउथ-वेस्ट ने भगोड़ा घोषित किया था। वह थाना मोहन गार्डन में दर्ज दहेज एफआईआर के ट्रायल से बच रहा था।
गिरफ्तारी में किन अधिकारियों की भूमिका रही?
DCP कुशल पाल सिंह, आईपीएस के निर्देश और ACP सुभाष मलिक की देखरेख में इंस्पेक्टर हरीश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। टीम में हेड कांस्टेबल राहुल यादव और कांस्टेबल अशोक भी शामिल थे।
क्या आरोपी के खिलाफ कोई अन्य मामला दर्ज है?
पुलिस के अनुसार जितेंद्र की किसी अन्य आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं पाई गई है। उसके विरुद्ध केवल थाना मोहन गार्डन में दर्ज दहेज उत्पीड़न का मामला है।
अब आरोपी के साथ आगे क्या होगा?
गिरफ्तारी के बाद जितेंद्र को संबंधित द्वारका कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा, जहाँ दहेज उत्पीड़न केस में ट्रायल पुनः शुरू होगा। पुलिस के अनुसार भगोड़े अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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