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द्वारका पुलिस ने हत्या के प्रयास में 3 साल से फरार घोषित अपराधी अवनीश को विकास नगर से दबोचा

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द्वारका पुलिस ने हत्या के प्रयास में 3 साल से फरार घोषित अपराधी अवनीश को विकास नगर से दबोचा

सारांश

तीन साल तक पुलिस को चकमा देता रहा अवनीश उर्फ कुनाल आखिरकार द्वारका एंटी-बर्गलरी सेल की पकड़ में आ गया। 2022 के चाकू हमले में घोषित अपराधी करार दिया गया यह आरोपी विकास नगर में किराए के मकान में छिपा था।

मुख्य बातें

द्वारका पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल ने अवनीश उर्फ कुनाल (28) को विकास नगर से गिरफ्तार किया।
आरोपी 3 सितंबर 2022 को चाकू से हमला करने के बाद से फरार था; 16 फरवरी 2023 को द्वारका कोर्ट ने घोषित अपराधी करार दिया था।
मामला थाना डाबरी में एफआईआर 824/2022 , धारा 307/34 IPC के तहत दर्ज है।
गिरफ्तारी इंस्पेक्टर विवेक मैंदोला के नेतृत्व में और एसीपी सुभाष मलिक की निगरानी में मुखबिर की सूचना पर हुई।
आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

नई दिल्ली की द्वारका जिला पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल ने हत्या के प्रयास के मामले में पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहे घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) अवनीश उर्फ कुनाल (28) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को विकास नगर इलाके में एक किराए के मकान से पकड़ा गया, जहाँ वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।

मामले की पृष्ठभूमि

3 सितंबर 2022 को शिकायतकर्ता के साथ हुए विवाद के बाद अवनीश और उसके साथियों ने उस पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में शिकायतकर्ता के पेट में गंभीर चोटें आई थीं। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। थाना डाबरी में एफआईआर संख्या 824/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 (हत्या का प्रयास) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

घोषित अपराधी कैसे बना आरोपी

द्वारका कोर्ट ने 16 फरवरी 2023 को अवनीश को घोषित अपराधी करार दिया था, क्योंकि वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। पुलिस जाँच के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने अपना पुराना पता छोड़ दिया और विकास नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर पहचान बदलकर पुलिस से बचता रहा।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह के निर्देश और एसीपी ऑपरेशन सुभाष मलिक की निगरानी में इंस्पेक्टर विवेक मैंदोला के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एएसआई राजेश, हेड कांस्टेबल प्रवीण, हेड कांस्टेबल कृष्ण और महिला हेड कांस्टेबल सोनिया शामिल थीं।

एक मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने विकास नगर में छापेमारी की और आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आरोपी की पृष्ठभूमि

पुलिस जाँच में सामने आया कि अवनीश दिल्ली का मूल निवासी है। उसके पिता एक फैक्ट्री में मजदूर हैं और माँ घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं। उसने केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की, जिसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। अधिकारियों के अनुसार, गलत संगत और नशे की लत के चलते उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा।

आगे की कार्रवाई

द्वारका जिला पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल घोषित अपराधियों और गंभीर मामलों में फरार आरोपियों की तलाश में लगातार सक्रिय है। इस गिरफ्तारी को पुलिस की उस मुहिम की अहम कड़ी माना जा रहा है जिसमें लंबे समय से फरार अपराधियों को कानून के कठघरे में लाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जवाबदेही यह है कि इतने लंबे समय तक यह आरोपी नज़रों से ओझल कैसे रहा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवनीश उर्फ कुनाल को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
अवनीश उर्फ कुनाल को थाना डाबरी में दर्ज एफआईआर 824/2022 के तहत हत्या के प्रयास (धारा 307/34 IPC) के मामले में गिरफ्तार किया गया। उसने 3 सितंबर 2022 को अपने साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता पर चाकू से जानलेवा हमला किया था।
घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) किसे कहते हैं?
जब कोई आरोपी बार-बार समन के बावजूद अदालत में पेश नहीं होता और पुलिस उसे गिरफ्तार करने में असमर्थ रहती है, तो अदालत उसे घोषित अपराधी करार देती है। द्वारका कोर्ट ने अवनीश को 16 फरवरी 2023 को यह दर्जा दिया था।
आरोपी को कहाँ से और कैसे पकड़ा गया?
एक मुखबिर की सूचना पर इंस्पेक्टर विवेक मैंदोला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विकास नगर में छापेमारी की और आरोपी को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस गिरफ्तारी में कौन-से पुलिस अधिकारी शामिल थे?
डीसीपी कुशल पाल सिंह के निर्देश और एसीपी ऑपरेशन सुभाष मलिक की निगरानी में इंस्पेक्टर विवेक मैंदोला के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। टीम में एएसआई राजेश, हेड कांस्टेबल प्रवीण, हेड कांस्टेबल कृष्ण और महिला हेड कांस्टेबल सोनिया शामिल थीं।
आरोपी अवनीश का आपराधिक इतिहास क्या है?
पुलिस जाँच के अनुसार, अवनीश आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था और गलत संगत में पड़कर नशे का आदी हो गया था। नशे की लत पूरी करने के लिए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और 2022 में हत्या के प्रयास की वारदात को अंजाम दिया।
राष्ट्र प्रेस
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