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दिल्ली पुलिस ने 8 साल से फरार अपहरण आरोपी मोहन उर्फ नूनी को रोहिणी से दबोचा

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दिल्ली पुलिस ने 8 साल से फरार अपहरण आरोपी मोहन उर्फ नूनी को रोहिणी से दबोचा

सारांश

आठ साल की फरारी, एक विशिष्ट सूचना और द्वारका पुलिस की निगरानी — 2018 के अपहरण मामले में 'घोषित अपराधी' मोहन उर्फ नूनी आखिरकार रोहिणी से दबोच लिया गया। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के उस अभियान की कड़ी है जिसमें लंबे समय से फरार आरोपियों को अदालत के सामने लाने पर ज़ोर है।

मुख्य बातें

द्वारका जिला पुलिस ने 2018 के अपहरण मामले के फरार आरोपी मोहन उर्फ नूनी को रोहिणी से गिरफ्तार किया।
आरोपी 2019 से अदालती कार्यवाही से बच रहा था और अगस्त 2025 में 'घोषित अपराधी' करार दिया गया।
आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महुआ का रहने वाला है।
मंगलवार को अलग कार्रवाई में दो मोबाइल चोर वरुण शर्मा और आदिल गिरफ्तार; तीन चोरी के मोबाइल और एक होंडा एक्टिवा बरामद।
तीन मोबाइल चोरी/छीनने के मामले सुलझाए गए।

दिल्ली पुलिस की द्वारका जिला टीम ने 2018 के एक अपहरण मामले में 8 साल से फरार चल रहे आरोपी मोहन उर्फ नूनी को रोहिणी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गुरुवार को जारी बयान में बताया कि आरोपी लंबे समय से अदालती कार्यवाही से बच रहा था और उसे अगस्त 2025 में अदालत द्वारा 'घोषित अपराधी' करार दिया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महुआ का रहने वाला है। उसने 2019 से जानबूझकर अदालत में पेश होना बंद कर दिया था। लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए अदालत ने उसे 'घोषित अपराधी' की श्रेणी में डाल दिया।

एक विशिष्ट सूचना पर कार्रवाई करते हुए द्वारका जिला पुलिस की टीम ने रोहिणी में उसके ठिकाने का पता लगाया और गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कई हफ्तों की निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद की गई।

'घोषित अपराधी' क्या होता है

आपराधिक प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत जब कोई आरोपी बार-बार समन और वारंट के बावजूद अदालत में पेश नहीं होता, तो उसे 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) घोषित किया जाता है। यह घोषणा पुलिस को आरोपी की संपत्ति कुर्क करने और देशभर में उसकी तलाश तेज़ करने का कानूनी अधिकार देती है।

द्वारका पुलिस की प्रतिबद्धता

दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा कि उसकी टीमों ने हाल के महीनों में कई घोषित अपराधियों और फरार आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ‘सक्रिय पुलिसिंग, प्रभावी खुफिया जानकारी जुटाने और कड़ी निगरानी’ के ज़रिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी अपराध बिना सजा के न रहे।

हाल की अन्य कार्रवाइयाँ

इससे पहले मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने दो मोबाइल चोरों — वरुण शर्मा और आदिल — को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी के रहने वाले बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में तीन चोरी के मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल किया गया एक होंडा एक्टिवा स्कूटर बरामद हुआ। इस गिरफ्तारी से मोबाइल चोरी और छीनने से जुड़े तीन आपराधिक मामले सुलझाने में मदद मिली है।

आगे क्या

आरोपी मोहन उर्फ नूनी को अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ 2018 के अपहरण मामले में लंबित मुकदमे की कार्यवाही फिर से शुरू होने की संभावना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसके फरारी के दौरान संपर्क में रहे संभावित मददगारों की भी जाँच की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि एक 'घोषित अपराधी' छह साल तक NCR के भीतर ही कैसे छिपा रह सका। अदालती समन से बचने और 'घोषित अपराधी' की कानूनी मुहर लगने के बीच का अंतराल — 2019 से 2025 तक — यह दिखाता है कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में फरार आरोपियों की निगरानी का तंत्र अब भी कितना सुस्त है। असली कसौटी अब अभियोजन की होगी: क्या आठ साल पुराने मामले में गवाह और साक्ष्य उतने ही मज़बूत बचे हैं, जितने मुकदमे को निष्कर्ष तक पहुँचाने के लिए ज़रूरी हैं।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन उर्फ नूनी कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
मोहन उर्फ नूनी 2018 के एक अपहरण मामले का आरोपी है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महुआ का रहने वाला है। वह 2019 से अदालती कार्यवाही से बच रहा था, जिसके कारण अगस्त 2025 में अदालत ने उसे 'घोषित अपराधी' घोषित कर दिया था।
दिल्ली पुलिस ने आरोपी को कहाँ से गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस की द्वारका जिला टीम ने आरोपी को रोहिणी इलाके से गिरफ्तार किया, जहाँ वह कई वर्षों से छिपा हुआ था। कार्रवाई एक विशिष्ट सूचना और लगातार निगरानी के बाद की गई।
'घोषित अपराधी' का क्या मतलब होता है?
'घोषित अपराधी' वह आरोपी होता है जिसे बार-बार समन और वारंट जारी होने के बावजूद अदालत में पेश न होने पर औपचारिक रूप से फरार घोषित किया जाता है। इस घोषणा के बाद पुलिस को संपत्ति कुर्क करने और देशभर में तलाश का व्यापक अधिकार मिलता है।
मोबाइल चोरी मामले में पुलिस ने क्या बरामद किया?
मंगलवार की कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों वरुण शर्मा और आदिल के पास से तीन चोरी के मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल किया गया एक होंडा एक्टिवा स्कूटर बरामद किया। दोनों आरोपी गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी के निवासी बताए गए हैं।
आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी?
आरोपी मोहन उर्फ नूनी को अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ 2018 के अपहरण मामले की लंबित मुकदमेबाज़ी फिर शुरू होने की संभावना है। पुलिस उसकी फरारी अवधि के दौरान संभावित मददगारों की भी जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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