4 नवंबर 2026
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हरदोई पुलिस ने पकड़ा 'काली सरकार': आर्मी ड्रेस में 'दिव्य दरबार' लगाने वाला प्रदीप शुक्ला गिरफ्तार

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हरदोई पुलिस ने पकड़ा 'काली सरकार': आर्मी ड्रेस में 'दिव्य दरबार' लगाने वाला प्रदीप शुक्ला गिरफ्तार

सारांश

आर्मी जैसी वर्दी पहनकर 'दिव्य दरबार' लगाने वाला और सोशल मीडिया पर एक लाख से अधिक फॉलोअर्स रखने वाला 'काली सरकार' उर्फ प्रदीप शुक्ला अंततः हरदोई पुलिस की गिरफ्त में आ गया — तीन दशक पुराने आपराधिक मामलों में कोर्ट वारंट के बाद।

मुख्य बातें

हरदोई पुलिस ने 4 नवंबर 2026 को प्रदीप शुक्ला उर्फ काली सरकार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
आरोपी झांसी के कुरैंचा गांव के मंदिर में आर्मी जैसी वर्दी पहनकर 'दिव्य दरबार' लगाता था और बीमारी ठीक करने का दावा करता था।
सोशल मीडिया पर कथित तौर पर एक लाख से अधिक फॉलोअर्स ; 1993 और 1998 में दर्ज आपराधिक मामलों में स्थायी वारंट जारी था।
10 अक्टूबर को पहली हिरासत में रिकॉर्ड अनुपलब्ध होने से राहत मिली थी; रिकॉर्ड दुरुस्त होने पर दूसरी बार गिरफ्तारी हुई।
आरोपी पर नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न का मामला भी दर्ज; जांच जारी।

हरदोई पुलिस ने मंगलवार, 4 नवंबर 2026 को प्रदीप शुक्ला उर्फ सत्यानंद शुक्ला उर्फ 'काली सरकार' को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र में 'दिव्य दरबार' लगाने के लिए कथित तौर पर चर्चित यह व्यक्ति वर्ष 1993 और 1998 में दर्ज आपराधिक मामलों में अदालती समन के बावजूद लंबे समय से पेश नहीं हो रहा था। स्थायी वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उसे दबोचा।

कौन है 'काली सरकार'

प्रदीप शुक्ला मूल रूप से हरदोई के चौहान थोक का निवासी है और झांसी के कुरैंचा गांव स्थित एक मंदिर में सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से रह रहा था। वह सेना जैसी वर्दी पहनकर 'दिव्य दरबार' लगाता था और लोगों की बीमारियाँ ठीक करने का दावा करता था। रिपोर्टों के अनुसार, सोशल मीडिया पर उसके एक लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रदीप शुक्ला के विरुद्ध पहला मामला वर्ष 1993 में आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत दर्ज हुआ था। उसी वर्ष आईपीसी की धारा 394, 397 और 411 के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद वर्ष 1998 में आईपीसी की धारा 324 के तहत भी मामला दर्ज हुआ। इन पुराने मामलों में आरोपी लगातार अदालत से अनुपस्थित रहा, जिसके चलते उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया था।

गौरतलब है कि हरदोई पुलिस ने इससे पहले 10 अक्टूबर को भी प्रदीप शुक्ला को हिरासत में लिया था। उस समय पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण न्यायालय से उसे राहत मिल गई थी। रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद पुलिस ने दूसरी बार गिरफ्तारी की।

नाबालिग से उत्पीड़न का आरोप भी

आरोपी के खिलाफ एक नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न का मामला भी दर्ज होने की जानकारी है। पुलिस फिलहाल इस मामले की अलग से जांच कर रही है। इस संवेदनशील आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

पुलिस का बयान

सीओ नगर हरदोई अजीत चौहान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना कोतवाली शहर के हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला पुत्र मायारा, निवासी चौहान थोक, के खिलाफ कोर्ट से वारंट प्राप्त कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया।

क्या होगा आगे

यह मामला उत्तर प्रदेश में धर्म की आड़ में कथित ठगी और अपराध के उन मामलों की लंबी श्रृंखला में एक और कड़ी है, जो सोशल मीडिया पर बड़े फॉलोअर बेस के सहारे फलते-फूलते हैं। न्यायालय में पेशी के बाद अब तीनों पुराने मामलों और नए आरोपों पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'काली सरकार' कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
'काली सरकार' असल में हरदोई निवासी प्रदीप शुक्ला है, जो झांसी के कुरैंचा गांव में सत्यानंद शुक्ला के नाम से रहता था और आर्मी जैसी वर्दी पहनकर 'दिव्य दरबार' लगाता था। उसे 1993 और 1998 में दर्ज आपराधिक मामलों में कोर्ट वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
प्रदीप शुक्ला के खिलाफ कौन-से आपराधिक मामले दर्ज हैं?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 1993 में आयुध अधिनियम की धारा 25 और आईपीसी की धारा 394, 397, 411 के तहत मामले दर्ज हुए। 1998 में आईपीसी की धारा 324 के तहत भी मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न का एक अलग मामला भी दर्ज होने की जानकारी है।
10 अक्टूबर को हिरासत के बाद उसे क्यों छोड़ा गया था?
10 अक्टूबर को पहली हिरासत के वक्त पुराने आपराधिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे, जिस कारण न्यायालय से आरोपी को राहत मिल गई। बाद में रिकॉर्ड दुरुस्त होने पर पुलिस ने कोर्ट वारंट प्राप्त कर दूसरी बार गिरफ्तारी की।
क्या 'काली सरकार' के खिलाफ नाबालिग से उत्पीड़न का मामला भी है?
हाँ, आरोपी प्रदीप शुक्ला के खिलाफ एक नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न का मामला भी दर्ज होने की जानकारी है। पुलिस फिलहाल इस मामले की अलग से जांच कर रही है।
हरदोई पुलिस ने यह कार्रवाई किस अभियान के तहत की?
सीओ नगर हरदोई अजीत चौहान के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला के खिलाफ कोर्ट वारंट प्राप्त कर गिरफ्तारी की गई।
राष्ट्र प्रेस
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