पप्पू यादव को संसद में बात रखने का हक, पर भगवा पहनकर ड्रामा उचित नहीं: रामदास आठवले
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 1 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को अपनी माँगें उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं था। यह विवाद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर हुए संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान उठा।
आठवले का पप्पू यादव पर रुख
आठवले ने कहा कि सांसद के रूप में पप्पू यादव को अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है, परंतु संसद परिसर में इस प्रकार का 'ड्रामा' संसदीय मर्यादा के विरुद्ध है। उन्होंने जोड़ा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार ने साफ कर दिया है कि जाँच में दोषी पाए जाने वालों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।
सीजेपी और अभिजीत दिपके पर टिप्पणी
सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के संस्थापक अभिजीत दिपके का उल्लेख करते हुए आठवले ने कहा कि दिपके उनके समुदाय से हैं और दो वर्ष के एक कोर्स के लिए अमेरिका गए थे, लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद भी वहीं रहे। बाद में उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' का गठन किया और पेपर लीक जैसे अहम मुद्दे को उठाया।
आठवले ने माना कि पेपर लीक से देशभर के अनेक छात्र प्रभावित हुए, कई गहरी निराशा में चले गए और कुछ ने गलत कदम भी उठाए। इस मुद्दे पर सीजेपी को व्यापक राष्ट्रीय समर्थन मिला। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि दिपके को झूठे बयान नहीं देने चाहिए, क्योंकि उनकी कई माँगें पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।
छात्र आंदोलन और लाठीचार्ज पर आठवले का पक्ष
आठवले ने कहा कि लाठीचार्ज तब हुआ जब प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे। उनके अनुसार, जंतर-मंतर पर जब प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, तब किसी टकराव की नौबत नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं ने छात्रों को भड़काने का काम किया और आंदोलन का समापन भी उसी शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए था जिस ढंग से वह शुरू हुआ था।
आठवले ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के जवानों पर हमले किए, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी से लेकर जवान तक चोटिल हुए।
दिपके को NDA में आने का न्योता
आठवले ने कहा कि यदि अभिजीत दिपके राजनीति में आना चाहते हैं और NDA की विचारधारा को स्वीकार करते हैं, तो वे उनकी पार्टी में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा पर चल रहे हैं और दिपके भी उसी विचारधारा से प्रेरित हैं।
PM मोदी के छात्रों से संबंधित संदेश पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर आठवले ने कहा कि यदि किसी छात्र ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, तो वह पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और छात्रों की माँगें भी पूरी की जा चुकी हैं। मोदी ने 'बड़ा दिल' दिखाते हुए स्पष्ट किया है कि छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। आठवले के अनुसार, छात्रों को भी यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेज़ी से विकास कर रहा है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच संसद में बहस तेज़ होने की संभावना है।