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क्या 'ई-विटारा' आत्मनिर्भरता और हरित गतिशीलता की दिशा में महत्वपूर्ण है?

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क्या 'ई-विटारा' आत्मनिर्भरता और हरित गतिशीलता की दिशा में महत्वपूर्ण है?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'ई-विटारा' के निर्यात की शुरुआत एक ऐतिहासिक क्षण है। यह भारत को हरित गतिशीलता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानता है। जानें इस पहल के महत्व और इससे जुड़े भविष्य के दृष्टिकोण के बारे में।

मुख्य बातें

ई-विटारा का निर्यात 100 से अधिक देशों में होगा।
यह भारत को बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक केंद्र बनाने में मदद करेगा।
गुजरात में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड का उत्पादन शुरू होगा।
यह पहल मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में है।
80 प्रतिशत बैटरी का निर्माण भारत में होगा।

अहमदाबाद, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ई-विटारा' को हरी झंडी दिखाने से पूर्व कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता और हरित गतिशीलता का केंद्र बनने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण दिन है। पीएम मोदी मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे हरी झंडी दिखाकर मारुति सुजुकी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी), ई-विटारा का 100 से अधिक देशों में निर्यात आरंभ करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज का दिन भारत की आत्मनिर्भरता और हरित गतिशीलता के केंद्र बनने की दिशा में विशेष है। हंसलपुर में आयोजित कार्यक्रम में 'ई-विटारा' को हरी झंडी दिखाई जाएगी। यह बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) भारत में निर्मित है और इसे 100 से ज्यादा देशों में निर्यात किया जाएगा। हमारे बैटरी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए, गुजरात के एक संयंत्र में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड का उत्पादन भी प्रारंभ होगा।"

इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, "26 अगस्त को सुबह लगभग 10:30 बजे, प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद के हंसलपुर में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे और 100 देशों को बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात को हरी झंडी दिखाएंगे।"

यह ऐतिहासिक पहल भारत के हरित परिवहन के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने को दर्शाती है और साथ ही 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है। इस उपलब्धि के साथ, भारत अब सुजुकी के इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बन जाएगा।

हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को गुजरात स्थित टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन की शुरुआत के साथ भारत के बैटरी इकोसिस्टम के अगले चरण का भी उद्घाटन करेंगे। तोशिबा, डेंसो और सुजुकी का संयुक्त उद्यम, यह संयंत्र घरेलू विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देगा। इससे अब 80 प्रतिशत से अधिक बैटरी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह पहल भारत के हरित परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह कदम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की छवि को मजबूत करेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-विटारा का निर्यात कब शुरू होगा?
ई-विटारा का निर्यात 26 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाने के बाद शुरू होगा।
यह पहल भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पहल भारत को हरित गतिशीलता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है, जो वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन के केंद्र में बदलने का अवसर प्रदान करती है।
गुजरात में कौन सा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है?
गुजरात में टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जो हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड का स्थानीय उत्पादन करेगा।
इस पहल से भारत का बैटरी इकोसिस्टम कैसे विकसित होगा?
इस पहल से भारत में बैटरी का 80 प्रतिशत से अधिक निर्माण होगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा नवाचार और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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