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क्या ओडिशा सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के लिए आत्मसमर्पण योजनाओं में बदलाव किया है?

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क्या ओडिशा सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के लिए आत्मसमर्पण योजनाओं में बदलाव किया है?

सारांश

ओडिशा सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ नई गाइडलाइंस के अनुसार आत्मसमर्पण और पुनर्वास योजनाओं में बदलाव किए हैं। यह योजना माओवादी समूहों से जुड़े युवाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए वित्तीय सहायता और कौशल विकास प्रदान करती है, ताकि वे समाज में पुनः शामिल हो सकें।

मुख्य बातें

सरकार का उद्देश्य: माओवादी और अन्य संगठनों से जुड़े युवाओं को मुख्य धारा में लाना।
वित्तीय सहायता: श्रेणी ए और बी के उग्रवादियों को निर्धारित राशि की मदद।
सामाजिक कल्याण: विभिन्न योजनाओं के तहत अतिरिक्त लाभ।
सुरक्षा उपाय: धोखाधड़ी वाले आत्मसमर्पण को रोकने के लिए सेफगार्ड।

भुवनेश्वर, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा सरकार ने गृह मंत्रालय (एमएचए) की नई गाइडलाइंस के अनुसार, वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए अपनी 'आत्मसमर्पण और पुनर्वास योजना' में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

सरकार का उद्देश्य माओवादी और अन्य संगठनों में शामिल गुमराह युवाओं और हार्डकोर कैडर को ज्यादा वित्तीय सहायता, नौकरी के अवसर और कौशल-आधारित पुनर्वास के माध्यम से मुख्य धारा में वापस लाना है।

इस नई योजना का लक्ष्य राज्य में वामपंथी उग्रवाद को नियंत्रित करना है, साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडर को रोजी-रोटी के अच्छे अवसर मिलें।

इस योजना में, धोखाधड़ी या रणनीतिक आत्मसमर्पण को रोकने के लिए सेफगार्ड भी शामिल हैं।

आदेश के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को दो श्रेणियों में बांटा जाएगा। श्रेणी ए में उच्च स्तर के नेता शामिल होंगे, जैसे कि पोलित ब्यूरो सदस्य, सेंट्रल कमेटी सदस्य और राज्य/क्षेत्रीय समिति सदस्य, जबकि श्रेणी बी में मध्य और निम्न स्तर के ऑपरेटिव शामिल होंगे, जैसे डिवीजनल सेक्रेटरी और एरिया कमेटी सदस्य।

इस योजना के तहत, श्रेणी ए में आने वाले कैडर को 5 लाख रुपए तक की राशि दी जाएगी, जबकि श्रेणी बी के कैडर को 2.5 लाख रुपए मिलेंगे।

साथ ही, तुरंत 50,000 रुपए की सहायता दी जाएगी, जबकि बाकी राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाएगा और अच्छे व्यवहार के आधार पर तीन साल में हिस्सों में वितरित किया जाएगा।

हर आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादी को, बिना हथियार के भी, 25,000 रुपए मिलेंगे। यदि किसी उग्रवादी पर सरकार ने इनाम घोषित किया है, तो उसे या तो इनाम की राशि या पैसे की सहायता दी जाएगी, जो भी अधिक होगी।

आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत भी लाभ प्रदान किए जाएंगे, जैसे अंत्योदय गृह योजना के तहत घर की सहायता या कैश लाभ, 25,000 रुपए का शादी का ग्रांट, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में मुफ्त प्रवेश, स्वास्थ्य बीमा कार्ड और राशन प्रदान किया जाएगा।

हालांकि, यदि कोई आत्मसमर्पण करने वाला फिर से उग्रवादी गतिविधियों में लौटता है या माओवादी समूहों की सहायता करता है, तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि योजना का सही ढंग से कार्यान्वयन हो।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा सरकार की नई आत्मसमर्पण योजना क्या है?
यह योजना वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ बनाई गई है, जिसमें आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को वित्तीय सहायता और कौशल विकास के माध्यम से समाज में पुनः शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस योजना के तहत उग्रवादियों को कितनी वित्तीय सहायता मिलेगी?
श्रृंखला ए में आने वाले उग्रवादियों को 5 लाख रुपए तक और श्रृंखला बी के उग्रवादियों को 2.5 लाख रुपए की राशि दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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