पीएम मोदी की चिंता: वेस्ट एशिया की स्थिति और खाड़ी देशों का भारतीय नागरिकों के प्रति सहानुभूति
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी की चिंता वेस्ट एशिया में हो रही घटनाओं को लेकर है।
- खाड़ी देशों का भारतीय नागरिकों के प्रति सहानुभूति महत्वपूर्ण है।
- भारत संकट में अपने नागरिकों को अकेला नहीं छोड़ता।
- आत्मनिर्भरता का महत्व फिर से सामने आया है।
- कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया गया है।
एर्नाकुलम, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य पूर्व की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। केरल में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने कहा कि खाड़ी देश भारतीय नागरिकों का विशेष ध्यान रख रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "वेस्ट एशिया में जो घटनाएँ हो रही हैं, उन पर आपकी चिंता स्वाभाविक है। हमारे लाखों भाई-बहन वहाँ कार्यरत हैं। जब भी कोई भारतीय संकट में फंसता है, हमारी सरकार उसे सुरक्षित निकालने की पूरी कोशिश करती है। आज का भारत अपने नागरिकों को संकट में अकेला नहीं छोड़ता है। हमारा प्रयास है कि युद्ध की स्थिति में फंसे भारतीयों को सुरक्षा और हर संभव सुविधा मुहैया कराई जाए।"
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों का आभार भी व्यक्त किया, जो कठिन परिस्थितियों में फंसे लोगों की सहायता में लगे हैं। मोदी ने कहा, "मैं संतुष्ट हूँ कि हमारे सभी मित्र देशों की सरकारें भी हमारे नागरिकों का पूरा ध्यान रख रही हैं। हमारे दूतावास और मिशन 24/7 उनकी सहायता कर रहे हैं। यदि किसी को भोजन, चिकित्सा सहायता, रहने की व्यवस्था या कानूनी मदद की आवश्यकता है, तो उसे सुनिश्चित किया जा रहा है। यह दुखद है कि कांग्रेस इस गंभीर वैश्विक संकट में भी राजनीति कर रही है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के महत्व को भी समझाया। उन्होंने कहा, "खाड़ी में चल रहे युद्ध ने हमें आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को पुनः स्पष्ट किया है। ऊर्जा या अन्य क्षेत्रों में, भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रहा है। आत्मनिर्भरता कितनी महत्वपूर्ण है, यह हमने कोरोना के समय, यूक्रेन संकट के दौरान और वर्तमान संकट में देखा है।"