प्रधानमंत्री मोदी: भारत वैश्विक संकट से निपटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा
सारांश
Key Takeaways
- भारत वैश्विक संकट का सामना करने में सक्रिय है।
- सरकार जनता के हित में कोई कमी नहीं छोड़ने का आश्वासन देती है।
- आत्मनिर्भरता का महत्व पुनः स्पष्ट किया गया है।
नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के खिलाफ इजरायल-अमेरिका की संयुक्त लड़ाई के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुए वैश्विक संकट पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि भारत इस संकट से निपटने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "आज युद्ध के कारण जो वैश्विक संकट उत्पन्न हुआ है, उससे निपटने में भारत कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है।"
वीडियो में पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम में कहा, "वर्तमान में एलपीजी के बारे में बहुत चर्चा हो रही है। कुछ लोग पैनिक पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहते हैं। मैं इस समय उन पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन यह जरूर कहूंगा कि ऐसा करके वे जनता के सामने खुद को उजागर कर रहे हैं और देश को भी बड़ा नुकसान पहुँचा रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "आज युद्ध के कारण जो वैश्विक संकट आया है, उसका प्रभाव किसी भी देश पर नहीं छूटा है। हर देश इस संकट का शिकार है, चाहे वह कम या अधिक मात्रा में हो। भारत सरकार इस संकट से निपटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हम विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रहे हैं। हाल के दिनों में मैंने कई देशों के शीर्ष नेताओं से इस मुद्दे पर वार्ता की है। सप्लाई चेन में आई बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।"
पीएम मोदी ने कहा, "इस वैश्विक संकट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि किसी भी देश के लिए आत्मनिर्भर होना कितना आवश्यक है। इसलिए, पिछले वर्षों में हमने भारत को ऊर्जा क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए समग्र तरीके से प्रयास किए हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि हम इस वैश्विक संकट से उबरने में सफल होंगे।
उन्होंने कहा, "मैं फिर से दोहराऊंगा कि जहां तक सरकार का सवाल है, हम किसी भी प्रकार के प्रयास में कोई कमी नहीं आने देंगे। हमारे हर निर्णय में जनता का हित सर्वोपरि रहेगा।"