हम भारत के साथ हैं: पीएम मोदी ने आत्मविश्वास और चुनौतियों का सामना करने की बात की
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने कोरोना महामारी के बाद से लगातार चुनौतियों का सामना किया है।
- 140 करोड़ भारतीयों का एकजुट प्रयास भारत को मजबूत बना रहा है।
- मोदी ने कहा कि हम भारत के साथ हैं।
- पश्चिम बंगाल में विकास की गति रुक गई है।
- कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों का प्रभाव आज भी महसूस किया जा रहा है।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत अपने नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब चुनौतियों को दरकिनार करने के बजाय, भारत उनका मजबूती से सामना कर रहा है। कोरोना महामारी की शुरुआत से लगातार चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं। महामारी के बाद से ऐसा कोई वर्ष नहीं गुजरा, जिसने भारत और उसके लोगों की परीक्षा न ली हो। प्रधानमंत्री ने सोमवार को दिल्ली में 'व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट-2026' में संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि आज भारत वह देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 से पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर, भारत अब नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। आज जब दुनिया गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रही है, तब भारत और विश्व की चर्चा करना अत्यंत प्रासंगिक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का एकजुट प्रयास भारत को हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ा रहा है। युद्ध जैसी परिस्थितियों में भी, भारत की नीति और सामर्थ्य देखकर कई देश हैरान हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले 23 दिनों में भारत ने संबंध निर्माण, निर्णय लेने, और संकट प्रबंधन में अद्वितीय क्षमता का प्रदर्शन किया है। ऐसे समय में जब दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है, भारत ने विभिन्न देशों के साथ असाधारण संबंध बनाए हैं। आज भारत सभी का विश्वसनीय सहयोगी है। लोग अक्सर पूछते हैं, "हम किसके पक्ष में हैं?" मेरा जवाब है, "हम भारत के साथ हैं। हम भारत के हितों के साथ हैं। हम शांति और संवाद के साथ हैं।"
उन्होंने कहा कि जब दुनिया कई खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व सेतु बनाए हैं। भारत सभी का विश्वसनीय साथी है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए, उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी सत्ता बचाने के लिए गलत निर्णय लेते हैं।
उन्होंने कहा कि 2004 से 2010 के बीच कांग्रेस सरकार ने 1,48,000 करोड़ रुपए के ऑइल बांड जारी किए थे, जिसमें उन्होंने आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डालने का जोखिम लिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत अपनी विकास की गति को और तेज कर रहा है, जबकि कुछ राजनीतिक दल स्वार्थ में इन परिस्थितियों का लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
आखिर में, उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में विकास की गति रुक गई है, जबकि केंद्र सरकार ने वहां बड़े निवेश किए हैं।