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ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और जवाद अहमद सिद्दीकी की 39.45 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की

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ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और जवाद अहमद सिद्दीकी की 39.45 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की

सारांश

ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और उसकी संपत्तियों को कुर्क किया है। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी और इसकी जड़ें।

मुख्य बातें

ईडी ने 39.45 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की हैं।
जवाद अहमद सिद्दीकी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।
अल-फलाह विश्वविद्यालय ने फर्जी मान्यता का दावा किया।
जांच में 493.24 करोड़ की 'अपराध से अर्जित आय' का खुलासा हुआ।
जवान अहमद सिद्दीकी न्यायिक हिरासत में हैं।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए लागू कानून (पीएमएलए) के तहत फरीदाबाद के अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और इसके प्रबंधक ट्रस्टी जवाद अहमद सिद्दीकी की कुल 39.45 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया है।

कुर्क की गई संपत्तियों में जवाद अहमद सिद्दीकी का दिल्ली के जामिया नगर, ओखला इलाके में स्थित आवासीय परिसर, फरीदाबाद के धौज गांव में अल-फलाह विश्वविद्यालय के निकट की कृषि भूमि, और ट्रस्ट तथा जवाद सिद्दीकी के डीमैट अकाउंट्स, बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं।

ईडी की जांच दिल्ली पुलिस की तीन एफआईआर पर आधारित है। इनमें से दो एफआईआर दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज की गई हैं (संख्या 337/2025 और 338/2025, दोनों 13 नवंबर 2025 को) और एक एफआईआर दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम पुलिस स्टेशन द्वारा (संख्या 0021/2026, 10 जनवरी 2026 को दर्ज)। इन एफआईआर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं, जो पीएमएलए के अंतर्गत अनुसूचित अपराध माने जाते हैं।

आरोप है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय ने अपनी समाप्त हो चुकी एनएएसी 'ए' ग्रेड मान्यता को गलत तरीके से वैध बताकर छात्रों और अभिभावकों को धोखा दिया। इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने ऐसी यूजीसी धारा 12बी मान्यता का दावा किया जो उसे कभी मिली ही नहीं। विश्वविद्यालय के मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से अनुमोदन लेने के लिए कागजों पर दिखाई जाने वाली फर्जी फैकल्टी और नकली मरीजों का इस्तेमाल किया।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि ट्रस्ट और विश्वविद्यालय ने वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक इन गलत तरीकों से कुल 493.24 करोड़ रुपए की 'अपराध से अर्जित आय' कमाई। इस धनराशि को उन कंपनियों में भेजा गया जिन पर जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके परिवार का नियंत्रण था, जैसे कि करकुन कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स, अमला एंटरप्राइजेज एलएलपी और दियाला कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड।

बाद में यह राशि विदेश भी भेज दी गई। इससे पहले, 16 जनवरी 2026 को ईडी ने फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय कैंपस की जमीन और इमारतों को 144.09 करोड़ रुपए में कुर्क किया था। ईडी ने इसी दिन विशेष पीएमएलए अदालत, साकेत, दिल्ली में जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दायर की है।

जवाद अहमद सिद्दीकी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी का कहना है कि ये सभी कुर्कियां अपराध से अर्जित आय की जांच का हिस्सा हैं। जांच अभी जारी है, और आगे और संपत्तियों तथा लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें शिक्षा के नाम पर हेराफेरी की गई है। यह घटना हमारे समाज में शिक्षा संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगाती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट क्या है?
यह एक चैरिटेबल ट्रस्ट है जो फरीदाबाद में स्थापित है और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में संलग्न है।
ईडी ने संपत्तियां क्यों कुर्क की?
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत संपत्तियां कुर्क की हैं।
जवाद अहमद सिद्दीकी की भूमिका क्या है?
वह ट्रस्ट के प्रबंधक ट्रस्टी हैं और उन पर धोखाधड़ी के आरोप हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
जांच जारी है और ईडी द्वारा और संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
क्या अन्य लोग भी इस मामले में शामिल हैं?
जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों या संस्थानों की भूमिका का भी पता लगाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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