PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर एरिक सोल्हेम ने गिनाए 5 बड़े बदलाव, ऑस्ट्रेलिया नेपाल बेल्जियम दूतावासों ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
नॉर्वे के पूर्व जलवायु एवं पर्यावरण मंत्री एरिक सोल्हेम ने 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बधाई देते हुए मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत में आए पाँच प्रमुख बदलावों की विस्तृत चर्चा की। इसी अवसर पर नई दिल्ली स्थित ऑस्ट्रेलिया, नेपाल और बेल्जियम के दूतावासों ने भी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
सोल्हेम ने क्या कहा
एक सोशल मीडिया पोस्ट में सोल्हेम ने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वाँ जन्मदिन है। उन्होंने क्या हासिल किया है? ऐसा अवसर उपलब्धियों पर विचार करने का होता है और मैंने इस बारे में काफी सोचा है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विश्लेषण किसी राजनीतिक पक्षधरता से नहीं, बल्कि एक बाहरी पर्यवेक्षक की नज़र से किया गया है।
पाँच प्रमुख बदलाव — सोल्हेम की नज़र से
सोल्हेम द्वारा चिन्हित पहला क्षेत्र 'दिशा' है। उनके अनुसार, 'विकसित भारत 2047' के विजन के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने देश को एक सुस्पष्ट उद्देश्य और नई दिशा प्रदान की है।
दूसरा क्षेत्र बुनियादी ढाँचा है। सोल्हेम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भी भारत ने तेज़ आर्थिक विकास देखा था, किंतु मोदी सरकार में सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के विस्तार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, "आज भारत के 25 शहरों में मेट्रो परियोजनाओं का निर्माण चल रहा है। भारत पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर तरीके से जुड़ चुका है।"
तीसरा क्षेत्र पर्यावरण है। सोल्हेम ने रेखांकित किया कि भारत पर्यावरण मामलों में पीछड़े देशों की श्रेणी से निकलकर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाज़ार और तीसरी सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने जोड़ा, "हरित विकास कोई बोझ नहीं, बल्कि एक अवसर है। हरित ऊर्जा ही नई समृद्धि है।"
चौथा क्षेत्र वैश्विक नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के दौर में भारत ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन मोदी ने भारत की वैश्विक भूमिका को नए स्तर पर पहुँचाया है। G 20 और BRICS में भारत की नेतृत्वकारी उपस्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली और दृश्यमान देश बन चुका है।
पाँचवाँ और अंतिम क्षेत्र 'गर्व' है। सोल्हेम के अनुसार, मोदी ने भारतीय परंपराओं, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत पर बल देकर देश में आत्मगौरव की भावना को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहा, "दुनिया में शायद ही कोई ऐसा नेता हो जो अपने राष्ट्र का उतना सशक्त प्रतिनिधित्व करता हो, जितना मोदी भारत का करते हैं। वे भारतीय पारंपरिक परिधान पहनते हैं, हिंदी में बोलते हैं, भारत पर गर्व व्यक्त करते हैं और दुनिया के सामने भारत को एक प्राचीन सभ्यतागत राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करते हैं।"
दूतावासों की शुभकामनाएँ
नेपाल दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। नेपाल और भारत के बीच घनिष्ठ मित्रता तथा दोनों देशों के लोगों के बीच के रिश्ते और मज़बूत हों।"
बेल्जियम दूतावास ने भी अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए लिखा, "बेल्जियम की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।"
ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने 'एक्स' पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपकी हाल की ऑस्ट्रेलिया यात्रा ने दोनों देशों के बीच रिश्तों की गर्मजोशी, मज़बूती और लोगों के गहरे जुड़ाव को शानदार तरीके से दिखाया।"
यह क्यों मायने रखता है
यह ऐसे समय में आया है जब भारत की कूटनीतिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है और देश G 20 अध्यक्षता से लेकर BRICS विस्तार तक में केंद्रीय भूमिका निभा चुका है। गौरतलब है कि किसी प्रमुख वैश्विक पर्यावरण राजनयिक द्वारा भारत के हरित ऊर्जा परिवर्तन को इस स्तर पर मान्यता देना अपने आप में उल्लेखनीय है। आगे की राह में यह देखना होगा कि सोल्हेम द्वारा रेखांकित बदलाव ज़मीनी स्तर पर आम नागरिक के जीवन में किस हद तक परिलक्षित होते हैं।