क्या एस्सार फ्यूचर एनर्जी ने 5,100 करोड़ रुपए के बायो-फ्यूल प्रोजेक्ट के लिए एमओयू साइन किया?
सारांश
Key Takeaways
- 5,100 करोड़ रुपए का निवेश
- 350 नए रोजगार के अवसर
- 2029 तक संचालन का लक्ष्य
- डीकार्बनाइजेशन पर ध्यान केंद्रित
- स्वच्छ ऊर्जा के लिए गुजरात का योगदान
राजकोट, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एस्सार फ्यूचर एनर्जी लिमिटेड ने सोमवार को राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में गुजरात सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस एमओयू के तहत, एस्सार फ्यूचर एनर्जी देवभूमि द्वारका जिले में एक विशाल बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स स्थापित करेगी, जिसकी प्रारंभिक फीडस्टॉक प्रोसेसिंग क्षमता 1 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) होगी।
इस प्रोजेक्ट में 5,100 करोड़ रुपए का प्रस्तावित निवेश शामिल है और इससे लगभग 350 सीधे रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिसका संचालन 2029 तक प्रारंभ होने का लक्ष्य है।
यह प्रोजेक्ट एक एसईजेड यूनिट के रूप में विकसित किया जाएगा और इसका ध्यान उन क्षेत्रों को डीकार्बनाइज करने पर होगा, जिन्हें कम करना मुश्किल है, और यह एविएशन, शिपिंग और सड़क परिवहन के लिए स्वच्छ ईंधन समाधान प्रदान करेगा।
एमओयू पर माननीय कैबिनेट मंत्री ऋषिकेशभाई पटेल, माननीय राज्य मंत्री कौशिकभाई वेकारिया और ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स विभाग, गुजरात सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
इस विकास पर टिप्पणी करते हुए एस्सार फ्यूचर एनर्जी लिमिटेड के सीईओ वैभव अग्रवाल ने कहा, “ऊर्जा स्वतंत्रता के लिए एक ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम बनाने पर राज्य का ध्यान, विकसित गुजरात – विकसित भारत 2047 के विजन के साथ, गुजरात औद्योगिक विकास और ऊर्जा परिवर्तन में भारत की यात्रा का नेतृत्व करना जारी रखे हुए है। एस्सार को इस बदलाव में सबसे आगे होने पर गर्व है, जो भविष्य के लिए तैयार, कम कार्बन वाले ऊर्जा समाधान विकसित करने के लिए गुजरात सरकार के साथ साझेदारी कर रहा है।”
इस प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है, साथ ही गुजरात के स्वच्छ ईंधन और बायो-एनर्जी इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी।