क्या ईयू और भारत का एक-दूसरे के करीब आना एक नेचुरल चॉइस है?

Click to start listening
क्या ईयू और भारत का एक-दूसरे के करीब आना एक नेचुरल चॉइस है?

सारांश

डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने ईयू और भारत के बीच बढ़ते संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक विकल्प है, जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। जानिए ट्रंप की नई रणनीति और भारत के सहयोग की भूमिका के बारे में।

Key Takeaways

  • ईयू और भारत का सहयोग बढ़ रहा है।
  • ग्रीनलैंड पर अमेरिका की नई राजनीति।
  • डेनमार्क का भारत के लिए समर्थन।
  • नई संयुक्त कार्य योजना पर काम।
  • व्यापार और अर्थव्यवस्था में नजदीकी।

नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत की है। वेनेजुएला के बाद अब उनकी नजर ग्रीनलैंड पर है। हालांकि, ग्रीनलैंड और डेनमार्क का लगातार यही कहना है कि वे ऐसा नहीं होने देंगे। इसी संदर्भ में भारत से मदद मांगी गई है। इस बीच, डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत की।

डेनमार्क के राजदूत ने कहा, "2020 में हमने एक ग्रीन स्ट्रेटेजिक साझेदारी स्थापित की। मुझे लगता है कि यह पहली बार था जब भारत ने एक स्पष्ट लेबल के साथ रणनीतिक साझेदारी बनाई और इस मामले में स्थिरता, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन आदि पर ध्यान केंद्रित किया। आप जानते हैं कि हमारे सहयोग का आधार क्या है, और अगले पांच वर्षों में हम अपने सहयोग के लिए एक नया संयुक्त कार्य योजना बना रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "हम कुछ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर डबल फोकस करेंगे। इसमें डेनमार्क का पूरा समर्थन है, यह कहने की आवश्यकता नहीं है। मुझे लगता है कि भारत और यूरोप आर्थिक दृष्टिकोण से कॉम्प्लिमेंट्री पार्टनर हैं। व्यापार और अर्थव्यवस्था के मामले में एक-दूसरे के करीब आने से यूरोपीय और भारतीय दोनों पक्षों को बहुत कुछ हासिल हो सकता है, खासकर इस परिवर्तनशील दुनिया में।"

डेनमार्क के राजदूत ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि ईयू का भारत के करीब आना और भारत का ईयू के करीब आना एक नेचुरल चॉइस है, और हमने अपनी अध्यक्षता के दौरान इसके लिए निश्चित रूप से बहुत मेहनत की है। हमें उम्मीद है कि हम कुछ हफ्तों में एग्रीमेंट को पूरा कर लेंगे, जब वरिष्ठ ईयू के प्रतिनिधि दिल्ली आएंगे।"

वहीं, ग्रीनलैंड को लेकर ताजा अपडेट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अमेरिका को नेशनल सिक्योरिटी के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है। हम जो गोल्डन डोम बना रहे हैं, उसके लिए यह बहुत आवश्यक है। नाटो को इसे पाने में हमारी मदद करनी चाहिए। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो रूस या चीन कर लेंगे।"

Point of View

NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या भारत और डेनमार्क की रणनीतिक साझेदारी महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह साझेदारी स्थिरता और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या अमेरिका की ग्रीनलैंड पर नजर है?
जी हाँ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है।
Nation Press