क्या ईवीएम से हर चुनाव पारदर्शी हो रहा है? बैलेट पेपर देश को पीछे ले जाएगा: प्रवीण खंडेलवाल

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क्या ईवीएम से हर चुनाव पारदर्शी हो रहा है? बैलेट पेपर देश को पीछे ले जाएगा: प्रवीण खंडेलवाल

सारांश

क्या ईवीएम ने भारत में चुनावों को पारदर्शी बना दिया है? प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार, बैलेट पेपर का प्रयोग अब पुरानी हो चुकी है। जानिए उनकी अन्य महत्वपूर्ण बातें जो उन्होंने हाल की चर्चा में साझा कीं।

Key Takeaways

  • ईवीएम का उपयोग निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक है।
  • बैलेट पेपर का प्रयोग पुरानी विधि है।
  • प्रदूषण को कम करने के लिए नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
  • प्रवीण खंडेलवाल ने अखिलेश यादव की राजनीति पर टिप्पणी की।
  • नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और बैलेट पेपर के मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर की प्रणाली अब पुरानी हो चुकी है।

प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि देश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और डिजिटल तकनीक तेजी से प्रगति कर रही है। ईवीएम ने देश में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक प्रभावी और सफल माध्यम साबित किया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग बैलेट पेपर का समर्थन कर रहे हैं, वे देश को 18वीं सदी में वापस ले जाना चाहते हैं। उनका ऐसा करना इसलिए है क्योंकि वे लगातार चुनाव हार रहे हैं और जनता उन्हें पसंद नहीं कर रही। अपने आचरण को सुधारने के बजाय वे केवल आरोप-प्रत्यारोप में लगे हुए हैं।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के 22 जनवरी से प्रारंभ होने वाले संयुक्त सत्र को संबोधित न करने के निर्णय पर भी अपनी राय दी।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल का भाषण सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है। यदि इसमें आलोचना शामिल की जाती है, तो यह भारत की संसदीय व्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगा।

प्रवीण खंडेलवाल ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "विपक्षी दलों को समझना चाहिए कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सभी को लोकतंत्र की सीमाओं में रहकर काम करना चाहिए। शायद विपक्ष इसे ठीक से समझ नहीं पा रहा है।"

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और सनातन धर्म के संबंध में भी उन्होंने अपने विचार साझा किए। खंडेलवाल ने कहा कि अगर अखिलेश यादव सनातन पर बात नहीं करते हैं, तो यह ठीक है। उत्तर प्रदेश और देश की जनता जानती है कि वे विशेष समुदाय की राजनीति करते हैं। अखिलेश यादव के मुंह से 'सनातन' शब्द बुरा लगता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सनातन मूल्यों की रक्षा भारतीय जनता पार्टी और सनातन को मानने वाले लोग स्वयं करते आए हैं और यह किसी की कृपा पर निर्भर नहीं है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा पर भी भाजपा सांसद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी मेहनत, नेतृत्व और दूरदर्शिता के कारण दुनिया भर में लोगों के बीच एक खास स्थान बनाया है।

प्रदूषण के मुद्दे पर खंडेलवाल ने कहा कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कार्य कर रही हैं। विभिन्न राज्यों में प्रदूषण के कारण अलग-अलग हैं और उन पर चर्चा हो रही है। यदि नागरिकों का सहयोग मिले, तो निश्चित रूप से प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है।

उन्होंने नितिन नबीन के भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर भी प्रतिक्रिया दी। खंडेलवाल ने कहा, "यह भारतीय जनता पार्टी है, जो एक साधारण कार्यकर्ता को असाधारण नेतृत्व करने का अवसर प्रदान करती है। हमें पूरा विश्वास है कि नितिन नबीन के नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा देश में विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।"

Point of View

NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या ईवीएम का उपयोग चुनावों में पारदर्शिता लाता है?
ईवीएम का उपयोग चुनावों में पारदर्शिता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल का बैलेट पेपर के बारे में क्या कहना है?
उन्होंने बैलेट पेपर को पुरानी प्रणाली बताया है और इसे वापस लाने के प्रयासों की आलोचना की है।
क्या अखिलेश यादव की राजनीति पर खंडेलवाल की राय महत्वपूर्ण है?
हाँ, खंडेलवाल ने अखिलेश यादव की राजनीति पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की है।
क्या प्रदूषण की समस्या पर खंडेलवाल ने कुछ कहा?
खंडेलवाल ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें प्रदूषण पर काम कर रही हैं।
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