क्या यूपी के फतेहपुर में मकबरा-मंदिर विवाद का हल संभव है?
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नई दिल्ली, 12 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मकबरे और मंदिर के बीच विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। इस मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सरकार से सख्त कदम उठाने और साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "यूपी के फतेहपुर जिले में मकबरे और मंदिर के विवाद पर सरकार को किसी भी समुदाय को ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाने देना चाहिए जिससे वहां साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न हो और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचे।" उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाने चाहिए।
फतेहपुर पुलिस ने सोमवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली नगर में 10 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया, "जिन्हें विवादित मकबरे पर जबरदस्ती घुसने और तोड़फोड़ करने के लिए नामजद किया गया है, उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।"
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार, 11 अगस्त 2025 को सुबह लगभग 11 बजे मंगी मकबरा पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति ने मकबरे को मंदिर बताते हुए वहां पूजा के लिए जुलूस निकालने का ऐलान किया था। जुलूस में शामिल लोग लाठी, डंडे और झंडे लेकर मकबरे की ओर बढ़े।
इन लोगों ने मकबरे की बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस के समझाने के बावजूद वहां मौजूद मजारों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय मुस्लिम समुदाय में आक्रोश फैल गया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने इसे साम्प्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के रूप में दर्ज किया है।
फतेहपुर पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बल तैनात है।