6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना में एफआईआर, अनुष्का यादव के घर जबरन घुसने का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना में एफआईआर, अनुष्का यादव के घर जबरन घुसने का आरोप

सारांश

बिहार में राजनीतिक भूचाल — जनशक्ति जनता दल अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज। अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने 6 जून की घटना का हवाला देते हुए जबरन घुसने, धमकी और अमेरिका से आई कथित जान-लेवा कॉल का आरोप लगाया। तेज प्रताप ने सब नकारा।

मुख्य बातें

तेज प्रताप यादव (जनशक्ति जनता दल राष्ट्रीय अध्यक्ष) के खिलाफ 19 जून 2026 को पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन, पटना में न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज।
शिकायत आकाश यादव (अनुष्का यादव के भाई) ने दर्ज कराई; घटना कथित तौर पर 6 जून को हुई जब आकाश तीर्थयात्रा पर थे।
आरोप: जबरन घर में घुसने की कोशिश, परिवार को धमकी, और अमेरिका के नंबर से जान से मारने की कथित धमकी; ऑडियो रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपी गई।
तेज प्रताप ने सभी आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और मनगढ़ंत बताया; एक्स पर पोस्ट कर निजी रंजिश का आरोप लगाया।
पुलिस ने जाँच शुरू की; एएसपी दिव्यांजलि जायसवाल ने पुष्टि की कि शिकायत के सभी पहलुओं की जाँच हो रही है।

जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के खिलाफ 19 जून 2026 को पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन, पटना में न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में कथित तौर पर जबरन घर में प्रवेश करने, परिवार के सदस्यों को धमकाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं — जिससे बिहार की राजनीति में नया विवाद उत्पन्न हो गया है।

मामले का पूरा घटनाक्रम

यह शिकायत अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने दर्ज कराई है। अनुष्का यादव का नाम सार्वजनिक रूप से तेज प्रताप यादव के साथ जोड़ा जाता रहा है। एफआईआर के अनुसार, यह घटना 6 जून को उस समय हुई जब आकाश यादव खाटू श्याम की तीर्थयात्रा पर गए हुए थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तेज प्रताप यादव और उनके सहयोगी मोतीलाल यादव कथित तौर पर पाटलिपुत्र इलाके स्थित आकाश यादव के घर पहुँचे और जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। इस दौरान घर में मौजूद परिवार के सदस्यों को कथित रूप से धमकाया गया।

जान से मारने की धमकी और ऑडियो साक्ष्य

एएसपी (कानून-व्यवस्था) दिव्यांजलि जायसवाल के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और उन्होंने सबूत के तौर पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है। पुलिस के अनुसार, ये धमकियाँ कथित तौर पर अमेरिका के एक नंबर से फोन करके दी गई थीं।

शिकायत में यह भी आरोप है कि बाद में आकाश यादव को मोतीलाल यादव और एक अन्य व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को एक आपराधिक गिरोह का सदस्य बताया और तेज प्रताप के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कुछ भी न बोलने की चेतावनी दी। पुलिस ने शिकायत के सभी पहलुओं की जाँच शुरू कर दी है।

तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया

तेज प्रताप यादव ने सभी आरोपों का पुरज़ोर खंडन किया है। उन्होंने इस मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित और पूरी तरह मनगढ़ंत बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि शिकायतकर्ता के आचरण को लेकर कानूनी नोटिस जारी किए जाने के बाद निजी रंजिश के कारण यह शिकायत दर्ज कराई गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन आरोपों का मकसद उनकी सार्वजनिक छवि और राजनीतिक कद को नुकसान पहुँचाना है। तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया है।

न्यायपालिका पर भरोसा, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

तेज प्रताप ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सबूतों तथा उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने संकेत दिया कि जो लोग उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ वे सभी उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाएंगे।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में राजनीतिक सरगर्मियाँ पहले से तेज़ हैं। पुलिस जाँच के नतीजे और न्यायालय की अगली सुनवाई इस विवाद की दिशा तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि न्यायिक हस्तक्षेप का नतीजा है — जो संकेत देता है कि शिकायतकर्ता को सामान्य प्रक्रिया में राहत नहीं मिली। तेज प्रताप का 'राजनीतिक षड्यंत्र' वाला बचाव परिचित ज़रूर है, लेकिन ऑडियो साक्ष्य और अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी के आरोप जाँच को तकनीकी रूप से जटिल बनाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या पुलिस इस जाँच को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखकर साक्ष्यों पर आधारित निष्कर्ष तक पहुँच पाएगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेज प्रताप यादव के खिलाफ एफआईआर किस आरोप में दर्ज हुई है?
तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन में जबरन घर में घुसने की कोशिश, परिवार के सदस्यों को धमकाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मुकदमा कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया।
यह शिकायत किसने और क्यों दर्ज कराई?
यह शिकायत आकाश यादव ने दर्ज कराई है, जो अनुष्का यादव के भाई हैं। शिकायत के अनुसार, 6 जून को जब आकाश खाटू श्याम की तीर्थयात्रा पर थे, तब तेज प्रताप यादव और उनके सहयोगी कथित तौर पर उनके घर पहुँचे और जबरन प्रवेश करने की कोशिश की।
जान से मारने की धमकी का साक्ष्य क्या है?
शिकायतकर्ता ने पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में सौंपी है। एएसपी दिव्यांजलि जायसवाल के अनुसार, ये धमकियाँ कथित तौर पर अमेरिका के एक नंबर से फोन करके दी गई थीं और एक व्यक्ति ने खुद को आपराधिक गिरोह का सदस्य बताया था।
तेज प्रताप यादव ने इन आरोपों पर क्या कहा?
तेज प्रताप यादव ने सभी आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और मनगढ़ंत बताया। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कानूनी नोटिस जारी होने के बाद निजी रंजिश के चलते यह शिकायत दर्ज कराई गई और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
पटना पुलिस ने शिकायत के सभी पहलुओं की जाँच शुरू कर दी है, जिसमें ऑडियो साक्ष्य और अमेरिकी नंबर से आई कथित कॉल की जाँच शामिल है। तेज प्रताप ने संकेत दिया है कि वे आरोप लगाने वालों के खिलाफ सभी उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले