तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना में एफआईआर, अनुष्का यादव के घर जबरन घुसने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के खिलाफ 19 जून 2026 को पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन, पटना में न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में कथित तौर पर जबरन घर में प्रवेश करने, परिवार के सदस्यों को धमकाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं — जिससे बिहार की राजनीति में नया विवाद उत्पन्न हो गया है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
यह शिकायत अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने दर्ज कराई है। अनुष्का यादव का नाम सार्वजनिक रूप से तेज प्रताप यादव के साथ जोड़ा जाता रहा है। एफआईआर के अनुसार, यह घटना 6 जून को उस समय हुई जब आकाश यादव खाटू श्याम की तीर्थयात्रा पर गए हुए थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तेज प्रताप यादव और उनके सहयोगी मोतीलाल यादव कथित तौर पर पाटलिपुत्र इलाके स्थित आकाश यादव के घर पहुँचे और जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। इस दौरान घर में मौजूद परिवार के सदस्यों को कथित रूप से धमकाया गया।
जान से मारने की धमकी और ऑडियो साक्ष्य
एएसपी (कानून-व्यवस्था) दिव्यांजलि जायसवाल के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और उन्होंने सबूत के तौर पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है। पुलिस के अनुसार, ये धमकियाँ कथित तौर पर अमेरिका के एक नंबर से फोन करके दी गई थीं।
शिकायत में यह भी आरोप है कि बाद में आकाश यादव को मोतीलाल यादव और एक अन्य व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को एक आपराधिक गिरोह का सदस्य बताया और तेज प्रताप के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कुछ भी न बोलने की चेतावनी दी। पुलिस ने शिकायत के सभी पहलुओं की जाँच शुरू कर दी है।
तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया
तेज प्रताप यादव ने सभी आरोपों का पुरज़ोर खंडन किया है। उन्होंने इस मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित और पूरी तरह मनगढ़ंत बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि शिकायतकर्ता के आचरण को लेकर कानूनी नोटिस जारी किए जाने के बाद निजी रंजिश के कारण यह शिकायत दर्ज कराई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन आरोपों का मकसद उनकी सार्वजनिक छवि और राजनीतिक कद को नुकसान पहुँचाना है। तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया है।
न्यायपालिका पर भरोसा, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
तेज प्रताप ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सबूतों तथा उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने संकेत दिया कि जो लोग उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ वे सभी उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाएंगे।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में राजनीतिक सरगर्मियाँ पहले से तेज़ हैं। पुलिस जाँच के नतीजे और न्यायालय की अगली सुनवाई इस विवाद की दिशा तय करेंगी।