तेज प्रताप यादव का हत्या साजिश का आरोप, आकाश यादव समेत 8 के खिलाफ पटना में एफआईआर
सारांश
मुख्य बातें
जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने 21 जून 2026 को आरोप लगाया कि उनके और उनके बीमार पिता लालू यादव की हत्या की साजिश रची जा रही है। उन्होंने पटना के सचिवालय पुलिस स्टेशन में अपने पूर्व सहयोगी आकाश यादव, उनकी बहन अनुष्का यादव और छह अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
मुख्य आरोप और एफआईआर का ब्यौरा
पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेज प्रताप ने कहा, 'मेरे पिता लालू यादव बीमार हैं। वे मेरे पिता और मुझे, दोनों को मारने की साजिश रच रहे हैं।' सचिवालय पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, आकाश यादव, अनुष्का यादव और परिवार के अन्य सदस्यों पर यह कथित साजिश रचने का आरोप है।
तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे थे और उनके परिवार के विरुद्ध सुनियोजित षड्यंत्र में शामिल थे। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद उस समय से जुड़ा है जब तेज प्रताप ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि शादीशुदा होने के बावजूद वे अनुष्का यादव के साथ संबंध में थे। इसके बाद लालू यादव ने अपने बड़े बेटे के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा करते हुए उन्हें पार्टी की गतिविधियों से दूर कर दिया।
बाद में तेज प्रताप ने दावा किया कि इस मामले से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट उनके ऑनलाइन अकाउंट के हैक होने के बाद की गई थी और उन्होंने पूरी घटना को गलतफहमी करार दिया।
आकाश यादव की पलटवार शिकायत
तेज प्रताप की एफआईआर से पहले ही आकाश यादव ने पटना के पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन में JJD प्रमुख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आकाश यादव के अनुसार, तेज प्रताप और उनके सहयोगियों ने परिवार के सदस्यों से मिलने के बहाने उनके घर में जबरन घुसने की कोशिश की।
आकाश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अमेरिका के एक नंबर से धमकी भरा फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले ने जेल में बंद एक गैंगस्टर से संबंध होने का दावा किया। तेज प्रताप ने इन सभी आरोपों को मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताते हुए सिरे से खारिज किया है।
राजनीतिक निहितार्थ
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। तेज प्रताप ने इन कथित धमकियों के पीछे एक बड़ी राजनीतिक साजिश का इशारा किया है, हालाँकि उन्होंने इसका विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। गौरतलब है कि यह मामला पिता-पुत्र के बीच पहले से चल रहे तनाव की पृष्ठभूमि में और जटिल हो गया है।
आगे की स्थिति
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं और जाँच जारी है। दोनों थाना क्षेत्रों में दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे की कार्रवाई अपेक्षित है। यह मामला बिहार की राजनीति में नए मोड़ ला सकता है, खासकर लालू यादव के स्वास्थ्य और उनके परिवार की आंतरिक उठापटक को देखते हुए।