10 अक्टूबर 2026
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फ्लाईदुबई हाईजैक साजिश: NIA ने एंटी-हाईजैकिंग एक्ट और UAPA के तहत दर्ज किया मामला

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फ्लाईदुबई हाईजैक साजिश: NIA ने एंटी-हाईजैकिंग एक्ट और UAPA के तहत दर्ज किया मामला

सारांश

तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी सह-पायलट ने भारतीय कप्तान पर हमला कर विमान को बेन गुरियन एयरपोर्ट से टकराने की कोशिश की — अब NIA ने UAPA और एंटी-हाईजैकिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर इसे संभावित आतंकी साजिश के कोण से जांचना शुरू किया है।

मुख्य बातें

NIA ने 10 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई हाईजैक साजिश मामले में एंटी-हाईजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और UAPA, 1967 की धारा 16, 18, 20 के तहत एफआईआर दर्ज की।
आरोपी सह-पायलट हमाम अल हमामी ( 29 वर्षीय ओमानी नागरिक ) ने कथित तौर पर विमान को बेन गुरियन एयरपोर्ट टर्मिनल से टकराने की योजना बनाई थी।
आरोपी ने साजिश से पहले दो बार तेल अवीव की उड़ान भरकर कथित तौर पर रेकी की थी।
भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर कॉकपिट में क्रैश एक्स से हमला किया गया; उन्होंने डटकर मुकाबला किया।
रिज़र्व पायलट ने विमान की कमान संभालकर उसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा।
NIA संभावित 'लोन वुल्फ' हमले, कट्टरपंथीकरण और आतंकी नेटवर्क से संबंधों की जांच करेगी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 10 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई की उस उड़ान से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की, जिसमें इज़रायल के तेल अवीव जा रहे विमान के भारतीय कप्तान पर कथित हमला हुआ और विमान को हाईजैक करने की साजिश रची गई। एजेंसी ने इस घटना को केवल विमानन सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि संभावित आतंकी साजिश और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े कोण से जांचने का निर्णय लिया है।

कौन-कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं

NIA सूत्रों के अनुसार, दर्ज एफआईआर में एंटी-हाईजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 को शामिल किया गया है, जो बल, धमकी या भय उत्पन्न कर विमान के अपहरण अथवा उस पर नियंत्रण हासिल करने के प्रयास से संबंधित है। इसके साथ ही गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 16, 18 और 20 को धारा 15(1)(ए) के साथ जोड़ा गया है।

इन धाराओं के अंतर्गत संभावित 'लोन वुल्फ' आतंकी हमले, साजिश, कट्टरपंथीकरण (रेडिकलाइजेशन) और आरोपी के किसी आतंकी संगठन या नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत विमानन सुरक्षा खतरों को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ा रहा है।

आरोपी सह-पायलट की पहचान और साजिश का खुलासा

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल हामद सैफ अल शम्सी ने खुलासा किया है कि फ्लाईदुबई के सह-पायलट, 29 वर्षीय ओमानी नागरिक हमाम अल हमामी ने कथित तौर पर विमान का नियंत्रण अपने कब्जे में लेकर उसे इज़रायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट टर्मिनल से टकराने की योजना बनाई थी।

UAE की सरकारी समाचार एजेंसी WAM के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर 30 सितंबर को इस योजना को अंजाम देने का प्रयास किया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इससे पहले दो बार तेल अवीव की उड़ान भर चुका था — कथित तौर पर रूट और एयरपोर्ट की जानकारी जुटाने के मकसद से। गौरतलब है कि यह पूर्व-नियोजित रेकी किसी सुविचारित साजिश की ओर इशारा करती है।

भारतीय कप्तान का साहस और विमान की सुरक्षित लैंडिंग

जांच के अनुसार, घटना के समय विमान की कमान भारतीय कप्तान स्मित मच्छर के हाथ में थी। आरोप है कि सह-पायलट ने कॉकपिट के भीतर एक क्रैश एक्स से कप्तान पर हमला किया और विमान का नियंत्रण छीनने की कोशिश की। कप्तान ने हमले का डटकर मुकाबला किया।

इस दौरान रिज़र्व पायलट, केबिन क्रू और कुछ यात्रियों ने भी हस्तक्षेप किया, जिससे कथित हाईजैकिंग की कोशिश नाकाम हो गई। कप्तान के घायल होने के बाद रिज़र्व पायलट ने विमान की कमान संभाली और उसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतार दिया, जिससे एक बड़े हादसे को टाल दिया गया।

जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई

NIA सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी इस मामले में आरोपी के संभावित कट्टरपंथी नेटवर्क, उसकी वित्तीय गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच करेगी। यह NIA की पहली ऐसी जांच है जो किसी विदेशी एयरलाइन के विमान में हुई घटना से जुड़ी है, जिसमें भारतीय पायलट शामिल थे। भारत और UAE की जांच एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित आतंकी प्रयास मान रही है। सवाल यह है कि एक ओमानी नागरिक UAE की एयरलाइन में सह-पायलट के रूप में कैसे कार्यरत रहा, जबकि वह कथित तौर पर दो बार रेकी कर चुका था — यह विमानन भर्ती और सुरक्षा जांच प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत की NIA का किसी विदेशी एयरलाइन के मामले में UAPA के तहत जांच करना न्यायिक दृष्टि से जटिल होगा, और अभियोजन की सफलता UAE के साथ साक्ष्य-साझाकरण सहयोग पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्लाईदुबई हाईजैक मामले में NIA ने कौन-सी धाराएँ लगाई हैं?
NIA ने एंटी-हाईजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और UAPA, 1967 की धारा 15(1)(ए), 16, 18 तथा 20 के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएँ विमान अपहरण के प्रयास, आतंकी साजिश, कट्टरपंथीकरण और आतंकी नेटवर्क से संबंध को कवर करती हैं।
फ्लाईदुबई हाईजैक साजिश में आरोपी कौन है और उसने क्या करने की कोशिश की?
आरोपी 29 वर्षीय ओमानी नागरिक हमाम अल हमामी हैं, जो फ्लाईदुबई के सह-पायलट थे। UAE के अटॉर्नी जनरल के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर 30 सितंबर को विमान का नियंत्रण छीनकर उसे इज़रायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट टर्मिनल से टकराने की कोशिश की।
भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर क्या हुआ और विमान कैसे बचा?
कप्तान स्मित मच्छर पर सह-पायलट ने कॉकपिट में क्रैश एक्स से हमला किया। कप्तान ने प्रतिरोध किया और रिज़र्व पायलट, केबिन क्रू व यात्रियों के हस्तक्षेप से हाईजैकिंग नाकाम हुई। घायल कप्तान की जगह रिज़र्व पायलट ने विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा।
NIA इस मामले को आतंकी साजिश के रूप में क्यों जांच रही है?
NIA सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने साजिश से पहले दो बार तेल अवीव की उड़ान भरकर रूट और एयरपोर्ट की रेकी की थी, जो सुनियोजित आतंकी मंशा की ओर इशारा करता है। एजेंसी संभावित 'लोन वुल्फ' हमले, कट्टरपंथी नेटवर्क और आतंकी संगठनों से संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
इस मामले में UAE और भारत की जांच एजेंसियाँ कैसे सहयोग कर रही हैं?
UAE के अटॉर्नी जनरल ने आरोपी की पहचान और साजिश का खुलासा किया है, जबकि NIA भारतीय कानूनों के तहत स्वतंत्र जांच कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है, और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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