फ्लाईदुबई हमले के पीछे जो भी है, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी: नेतन्याहू; भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 2 अक्टूबर 2026 को कहा कि फ्लाईदुबई विमान पर हुए हमले में शामिल व्यक्ति का इस्लामी कट्टरपंथीकरण हुआ था और उसका इरादा विमान में सवार समस्त यात्रियों सहित विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का था। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस हमले के पीछे कोई और है, तो उसे 'बहुत भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी।
नेतन्याहू का बयान और जाँच की घोषणा
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए वीडियो संदेश में नेतन्याहू के हवाले से कहा, 'जैसे-जैसे समय बीत रहा है, तस्वीर और स्पष्ट होती जा रही है। यानिव और उसके बहादुर साथियों ने 9/11 जैसी भयावह त्रासदी को टाल दिया। हमलावर कट्टर इस्लामी विचारधारा से प्रभावित होकर उग्रपंथी बन गया। उसका इरादा विमान में सवार सभी यात्रियों के साथ विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का था।'
नेतन्याहू ने आगे कहा, 'हम अब जाँच कर रहे हैं कि क्या उसे भेजा गया था और जिसने भी उसे भेजा है उसे बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ इस घटना की पृष्ठभूमि और संभावित संपर्क सूत्रों की जाँच में जुटी हैं।
भारतीय पायलट स्मित मच्छार की सराहना
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने एक्स पर पोस्ट कर फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार की जमकर प्रशंसा की। गर्गाश ने लिखा, 'फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार हर तरह की सराहना के हकदार हैं। उन्होंने एक खतरनाक आतंकवादी कृत्य और संभावित आपदा के सामने साहस और जिम्मेदारी का सही अर्थ दिखाया। सबसे कठिन परिस्थितियों में उनका प्रोफेशनलिज्म और नैतिक बोध उन्हें एक सच्चा हीरो बनाते हैं।'
गौरतलब है कि यह घटना बुधवार को हुई थी और भारतीय पायलट मच्छार की सूझबूझ से एक बड़ी विमान त्रासदी टल गई, जिसकी तुलना नेतन्याहू ने स्वयं 9/11 जैसी आपदा से की।
यूएई की जाँच और कानूनी अधिकार क्षेत्र
यूएई के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि सार्वजनिक अभियोजकों की एक विशेष टीम को इस घटना की जाँच सौंपी गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चूँकि विमान यूएई में पंजीकृत है और यूएई के ध्वज तले उड़ता है, इसलिए यूएई का कानून इस विमान में हुए अपराधों पर लागू होगा — भले ही वे घटनाएँ यूएई की सीमाओं के बाहर हुई हों।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, जाँच में घटना के सभी पहलुओं — हमले के मकसद, संभावित आतंकवादी संबंध, पूर्व-योजना और किसी बाहरी निर्देश — की पड़ताल की जाएगी। यूएई ने इस मामले में सऊदी अरब के अधिकारियों के सहयोग के लिए उनका आभार भी जताया।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह घटना अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा को लेकर चिंताएँ फिर से उजागर करती है। नेतन्याहू का यह कहना कि हमलावर को 'भेजा गया था या नहीं' — इस पहलू की जाँच अभी जारी है — यह संकेत देता है कि इस हमले के पीछे किसी व्यापक नेटवर्क की संलिप्तता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आने वाले दिनों में यूएई की विशेष जाँच टीम की रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करेगी।