फ्लाईदुबई FZ1073 कॉकपिट हमला: इजरायली महावाणिज्यदूत याविन रेवाच ने ओमानी पायलट की मौजूदगी को बताया संदिग्ध
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के महावाणिज्यदूत (मध्य पश्चिम भारत) याविन रेवाच ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कहा कि फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुई घटना के दौरान एक ओमानी पायलट की मौजूदगी गंभीर सुरक्षा चूक की ओर इशारा करती है। उनके अनुसार, इजरायल जाने वाली किसी भी उड़ान में शामिल पायलट के पास ऐसे देश का पासपोर्ट होना अनिवार्य है जिसके इजरायल के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंध हों — और ओमान इस कसौटी पर खरा नहीं उतरता।
सुरक्षा में कहाँ हुई चूक
महावाणिज्यदूत रेवाच ने स्पष्ट किया कि यूएई से इजरायल जा रही इस उड़ान के कॉकपिट में एक ऐसे देश के पायलट की उपस्थिति, जिसके इजरायल के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं है, प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा, 'यहाँ शायद कोई समस्या हुई या सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही हुई।' उनके अनुसार इस मामले की जाँच इजरायल और यूएई के अधिकारी मिलकर करेंगे।
रेवाच ने यह भी रेखांकित किया कि विमान में किसी भी प्रकार का तरल पदार्थ या लाइटर जैसी वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होती। फिर भी कॉकपिट के अंदर एक 'क्रैश ऐक्स' (कुल्हाड़ी) पहले से मौजूद था, जिसका उपयोग कथित तौर पर हमलावर पायलट ने किया। इससे उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि घटना की योजना पूर्व-निर्धारित थी।
पूर्वनियोजित हमले की आशंका
रेवाच के अनुसार, हमलावर को पहले से पता था कि वह विमान में बाहर से कोई हथियार नहीं ला सकता। इसलिए उसने कॉकपिट में पहले से रखी कुल्हाड़ी का उपयोग किया। यह संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित रणनीति प्रतीत होती है। गौरतलब है कि एविएशन सुरक्षा नियमों के तहत कॉकपिट में आपात उपकरण के रूप में 'क्रैश ऐक्स' रखा जाता है, जो आमतौर पर क्रू के लिए आरक्षित होता है।
ईरान की भूमिका पर शंका
महावाणिज्यदूत रेवाच ने कहा कि इस हमले में ईरान की प्रत्यक्ष भूमिका होने या न होने की अभी पुष्टि नहीं की जा सकती। हालाँकि उन्होंने यह ज़रूर कहा कि ईरान लेबनान में हिजबुल्लाह, इराक में शिया मिलिशिया और यमन में हूती लड़ाकों को प्रशिक्षण, धन और आधुनिक हथियार मुहैया कराता है। उनके अनुसार, यह गुट न केवल इजरायल बल्कि सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और ओमान जैसे पड़ोसी देशों को भी अस्थिर करने का प्रयास करते हैं।
रेवाच ने इसी संदर्भ में बताया कि इसी सप्ताह हूती विद्रोहियों ने मुसलमानों के पवित्र शहर मक्का पर भी हमले की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'आखिरकार हमें यह समझना होगा कि ईरान इस क्षेत्र में एक बेहद खतरनाक ताकत है।'
मीडिया और भड़काऊ सामग्री पर चेतावनी
रेवाच ने यह भी कहा कि पश्चिमी मीडिया और अल जजीरा को यहूदियों और इजरायलियों के खिलाफ भड़काऊ सामग्री प्रसारित करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। उनके अनुसार, ऐसी सामग्री के दुष्परिणाम पहले भी सामने आ चुके हैं।
आगे क्या होगा
इजरायल और यूएई के विशेषज्ञ जाँचकर्ता इस घटना की विस्तृत समीक्षा करेंगे। फ्लाईदुबई FZ1073 कॉकपिट घटना की जाँच में पायलट चयन प्रक्रिया, सुरक्षा प्रोटोकॉल और कॉकपिट उपकरण प्रबंधन की भी पड़ताल होने की संभावना है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।