फ्लाईदुबई FZ1073: हमलावर को-पायलट को छोड़ने से यात्रियों का इनकार, क्रू पर भी शक — लैंडिंग तक चला तनाव
सारांश
मुख्य बातें
फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में 4 अक्टूबर 2026 को हुए हमले के बाद हमलावर को-पायलट को काबू में करने वाले इजरायली यात्रियों और केबिन क्रू के बीच तीखी बहस हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, यात्रियों ने केबिन क्रू के उस अनुरोध को सिरे से ठुकरा दिया जिसमें उन्हें हमलावर को-पायलट हमाम अल-हमामी को रिहा करने और अपनी सीटों पर लौट जाने के लिए कहा गया था। यूएई से तेल अवीव जा रही इस उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमले के बाद यात्रियों ने विमान की बागडोर संभाल ली।
कॉकपिट में क्या हुआ
घटना की शुरुआत तब हुई जब यात्री ताली मानेस टॉयलेट के बाहर अपनी बेटी का इंतजार कर रही थीं। उन्हें कॉकपिट के भीतर से एक असामान्य आवाज सुनाई दी — जैसे कोई दरवाजा खटखटा रहा हो। उन्होंने फ्लाइट में मौजूद एक बैकअप पायलट को कॉकपिट में जाकर जाँच करने के लिए कहा।
दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद लोगों ने देखा कि ओमानी नागरिक अल-हमामी कैप्टन मच्छार पर धारदार हथियार — कथित तौर पर एक कुल्हाड़ी — से हमला कर रहा था। ताली मानेस की चीख सुनकर अन्य यात्री भी तुरंत कॉकपिट की ओर दौड़ पड़े।
यात्रियों ने कैसे संभाली बागडोर
चार इजरायली यात्री सबसे पहले मौके पर पहुँचे। फ्लाइट में ही मौजूद दो ऑफ-रोस्टर पायलट भी उनकी सहायता के लिए आगे आए और विमान को नियंत्रण में लेने में मदद की। बैंक ल्यूमी की अंडरराइटिंग कंपनी के सीईओ ज्विका मानेस ने ईयरफोन की मदद से अल-हमामी के हाथ उसकी पीठ के पीछे बाँध दिए।
प्लंबर यानिव हायून और इंश्योरेंस एजेंसी के मालिक असफ राजुआन ने भी हमलावर को काबू में करने और पकड़े रखने में अहम भूमिका निभाई। फ्लाइट में मौजूद एकमात्र डॉक्टर, दंत चिकित्सक शोटा मुसाएव, ने गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार को फर्स्ट एड दी। मुसाएव ने बाद में बताया कि कैप्टन के शरीर पर कई जगह गहरे कट के निशान थे।
क्रू से टकराव और शक की नौबत
हमलावर को काबू में करने के बाद केबिन क्रू ने यात्रियों से बार-बार कहा कि वे अपनी सीटों पर वापस जाएँ और हमलावर को छोड़ दें। इस माँग ने यात्रियों के मन में संदेह पैदा कर दिया।
रियल एस्टेट प्रोफेशनल डैनियल श्लिच्टर ने बताया, 'वे हमलावर को छोड़ने के लिए कह रहे थे। हमें तुरंत उन पर शक होने लगा।' ज्विका मानेस ने कहा, 'वे हमसे आतंकवादी को खोलने के लिए कह रहे थे — हमें पता नहीं था कि क्यों। हमने उनसे कहा, अब हालात हमारे नियंत्रण में हैं और आपको वही करना होगा जो हम कहेंगे।'
यात्रियों ने उल्टा क्रू मेंबर्स को विमान के बीच वाले हिस्से में जाकर बैठने का निर्देश दे दिया। क्रू के एक सदस्य ने कहा कि 'आप भगवान नहीं हैं, उसे मार नहीं सकते', जिस पर मानेस ने स्पष्ट किया — 'हम उसे मारना नहीं चाहते थे, बस यह चाहते थे कि वह हमें न मार सके।'
हमलावर के साथ यात्रियों का बर्ताव
इजरायली यात्रियों ने अल-हमामी को ऑक्सीजन मास्क भी पहनाया, ताकि वह जीवित रहे और अधिकारी उससे पूछताछ कर सकें। इजरायली चैनल i24 न्यूज़ द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में अल-हमामी को घुटनों के बल बैठा, हाथ पीठ के पीछे बँधे और कपड़ों पर खून के धब्बे लिए देखा जा सकता था।
45 सेकंड के उस वीडियो में यात्रियों को बार-बार 'सिर्फ पुलिस' कहते सुना गया। एक यात्री की आवाज में कहा गया, 'एक घंटा 40 मिनट — पाँच मिनट और।' इससे स्पष्ट होता है कि यात्री काफी देर से हमलावर को थामे हुए थे और पुलिस के हवाले करने तक उसे पकड़े रखने के लिए दृढ़ थे।
श्लिच्टर ने कहा, 'हम चाहते थे कि वह जिंदा रहे, ताकि उससे पूछताछ की जा सके।' विमान को अंततः एक छोटे एयरपोर्ट पर उतारा गया जहाँ पुलिस ने अल-हमामी को हिरासत में ले लिया।
आगे की जाँच
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई जब मध्य-पूर्व में उड़ान सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ बनी हुई हैं। अधिकारियों ने हमले के पीछे की मंशा और क्रू की भूमिका की जाँच शुरू कर दी है। विमान सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना से कॉकपिट-एक्सेस प्रोटोकॉल पर नए सिरे से बहस छिड़ सकती है।