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फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग में जांच टीम को मिलीं गंभीर अनियमितताएं, CM रेखा गुप्ता के आदेश पर हुई कार्रवाई

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फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग में जांच टीम को मिलीं गंभीर अनियमितताएं, CM रेखा गुप्ता के आदेश पर हुई कार्रवाई

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेश पर शालीमार बाग के फोर्टिस अस्पताल में पहुँची जांच टीम को अवैध निर्माण, अग्निशमन खामियाँ और एसओपी उल्लंघन मिले। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि चाकू से घायल युवक खुद चलकर इमरजेंसी पहुँचा था — समय पर इलाज मिलता तो शायद जान बच सकती थी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेश पर 25 जून को शालीमार बाग फोर्टिस अस्पताल की बहु-विभागीय जांच हुई।
जांच में अवैध निर्माण , बिल्डिंग बायलॉज उल्लंघन , अग्निशमन प्रणाली में खामियाँ , बेसमेंट का दुरुपयोग और एसओपी की अनदेखी सामने आई।
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि चाकू से घायल युवक खुद चलकर इमरजेंसी पहुँचा था; कथित तौर पर पैसे माँगने के कारण इलाज में देरी हुई और उसकी मृत्यु हो गई।
जांच दल का नेतृत्व मध्य-उत्तरी जिले के डीएम एस.एस.
परिहार ने किया; इमरजेंसी रिकॉर्ड जब्त किए गए।
दिल्ली सरकार ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया; विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के जांच आदेश के बाद गुरुवार, 25 जून को विभिन्न सरकारी विभागों की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया और वहाँ बिल्डिंग बायलॉज उल्लंघन, अवैध निर्माण, अग्निशमन प्रणाली में खामियाँ तथा चिकित्सीय एसओपी की गंभीर अनदेखी सहित कई अनियमितताएं पाईं। दिल्ली सरकार ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय ले लिया है और विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह कार्रवाई एक दर्दनाक घटना के बाद शुरू हुई। हाल ही में मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में सुनवाई के दौरान एक परिवार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि शालीमार बाग क्षेत्र में उनके बेटे को चाकू मारकर घायल किया गया था। परिवार के अनुसार, युवक को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर अस्पताल प्रशासन ने इलाज शुरू करने से पहले धनराशि की माँग की। समय पर उचित उपचार न मिल पाने के कारण युवक की मृत्यु हो गई।

इस शिकायत से आहत मुख्यमंत्री ने तत्काल अस्पताल की जांच के आदेश जारी किए थे।

जांच में क्या मिला

मध्य-उत्तरी जिले के जिलाधिकारी एस.एस. परिहार के नेतृत्व में स्वास्थ्य, नगर निगम, अग्निशमन और अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में निम्नलिखित गंभीर खामियाँ सामने आईं:

बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन और अवैध निर्माण, अग्निशमन प्रणाली में तकनीकी खामियाँ, बेसमेंट का अनुचित उपयोग तथा चिकित्सीय नियमों के लिए निर्धारित एसओपी में गंभीर लापरवाही।

सीसीटीवी फुटेज से खुलासा

जांच टीम ने अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की। फुटेज से यह स्पष्ट हुआ कि चाकू लगने से मृत युवक खुद चलकर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचा था। जिलाधिकारी परिहार के अनुसार, इससे यह संकेत मिलता है कि यदि समय पर उचित इलाज मिला होता, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। टीम ने इमरजेंसी विभाग के रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

जिलाधिकारी के अनुसार, पाई गई अनियमितताओं और चिकित्सीय लापरवाही को ध्यान में रखते हुए फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया जा चुका है। विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएँगे। गौरतलब है कि निजी अस्पतालों में इलाज से पहले पैसे माँगने की शिकायतें दिल्ली में पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री स्तर पर सीधे हस्तक्षेप ने मामले को नई गंभीरता दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अस्पताल की 'पहले भुगतान, फिर इलाज' की कथित नीति पर गंभीर सवाल उठाता है। दिल्ली में निजी अस्पतालों की जवाबदेही के लिए कोई स्थायी और पारदर्शी ऑडिट प्रणाली नहीं है — हर बार जांच किसी मौत के बाद होती है, पहले नहीं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या इस बार रिपोर्ट सार्वजनिक होगी और कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित नहीं रहेगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग में जांच क्यों हुई?
मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में एक परिवार ने शिकायत की थी कि उनके चाकू से घायल बेटे को फोर्टिस अस्पताल ने इलाज से पहले कथित तौर पर पैसे माँगे, जिससे देरी हुई और उसकी मृत्यु हो गई। इस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए।
जांच टीम को फोर्टिस अस्पताल में क्या-क्या अनियमितताएं मिलीं?
जांच में बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन, अवैध निर्माण, अग्निशमन प्रणाली में खामियाँ, बेसमेंट का अनुचित उपयोग और चिकित्सीय एसओपी की गंभीर अनदेखी सामने आई। इमरजेंसी विभाग के रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।
सीसीटीवी फुटेज से क्या पता चला?
सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया गया कि चाकू से घायल युवक खुद चलकर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचा था। जांच अधिकारियों के अनुसार, इससे यह संकेत मिलता है कि समय पर इलाज मिलने पर उसकी जान बचाई जा सकती थी।
फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
जिलाधिकारी एस.एस. परिहार के अनुसार, पाई गई अनियमितताओं के आधार पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया जा चुका है। विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएँगे।
जांच दल का नेतृत्व किसने किया और इसमें कौन-से विभाग शामिल थे?
जांच दल का नेतृत्व मध्य-उत्तरी जिले के जिलाधिकारी एस.एस. परिहार ने किया। इसमें स्वास्थ्य, नगर निगम, अग्निशमन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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