क्या गणतंत्र दिवस की झांकियों में 'स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्' दिखेगा?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस परेड में 30 झांकियां होंगी।
- इस वर्ष की थीम 'स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्' है।
- राज्यों की झांकियों में सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन होगा।
- झांकियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की कहानी बताई जाएगी।
- 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर यह परेड आयोजित होगी।
नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस परेड के उपलक्ष्य में 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। इनमें से 17 झांकियां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी, जबकि 13 झांकियां विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की होंगी। इस वर्ष की झांकियों की मुख्य थीम 'स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्' और 'समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत' है।
कई झांकियों के माध्यम से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जाएगा। इसके साथ ही आत्मनिर्भरता के आधार पर देश की प्रगति, सांस्कृतिक विविधता, विरासत, नवाचार और विकास यात्रा को जीवंतता से प्रस्तुत किया जाएगा। विभिन्न राज्यों की झांकियों में असम की आकर्षक झांकी 'आशारिकांडी: असम के टेराकोटा शिल्प ग्राम' को दर्शाएगी। छत्तीसगढ़ की झांकी स्वतंत्रता के मंत्र: 'वंदे मातरम्' पर आधारित है। गुजरात की झांकी स्वदेशी के मंत्र 'आत्मनिर्भरता' और स्वतंत्रता को प्रदर्शित करेगी।
हिमाचल प्रदेश की झांकी में 'देव भूमि, वीर भूमि' की झलक मिलेगी। जम्मू-कश्मीर की झांकी हस्तशिल्प और लोकनृत्य को प्रदर्शित करेगी। केरल की झांकी 'वॉटर मेट्रो' और 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता पर केंद्रित है। महाराष्ट्र की झांकी में 'गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक' दिखेगा। मणिपुर की झांकी 'समृद्धि की ओर: कृषि क्षेत्रों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक' की थीम पर होगी। नागालैंड अपनी झांकी में 'हॉर्नबिल महोत्सव': संस्कृति, पर्यटन और आत्मनिर्भरता का उत्सव दर्शाएगा।
ओडिशा अपनी झांकी के माध्यम से 'मिट्टी से सिलिकॉन तक: परंपरा में निहित, नवाचार के साथ उन्नति' को दर्शाएगा। पुडुचेरी की झांकी शिल्प और संस्कृति की समृद्ध विरासत को प्रस्तुत करेगी। राजस्थान की झांकी 'मरुस्थल का स्वर्णिम स्पर्श: बीकानेर स्वर्ण कला' का परिचय देगी। तमिलनाडु की झांकी में 'समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत' की झलक दिखाई देगी।
उत्तर प्रदेश इस बार बुंदेलखंड की संस्कृति को प्रदर्शित करेगा, जबकि पश्चिम बंगाल भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बंगाल की भूमिका को रेखांकित करेगा। मध्य प्रदेश की झांकी पुण्यश्लोक लोकमाता 'देवी अहिल्याबाई होलकर' पर आधारित होगी। वहीं, पंजाब की झांकी 'श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350 वर्ष' पर केंद्रित है।
मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झांकियों में वायु सेना मुख्यालय अपनी झांकी में 'पूर्व सैनिक झांकी: युद्ध के माध्यम से राष्ट्र निर्माण' को दिखाएगा। नौसेना अपनी झांकी में समुद्र से समृद्धि को प्रदर्शित करेगी। सैन्य कार्य विभाग त्रि-सेवा झांकी 'ऑपरेशन सिंदूर: संयुक्तता से विजय' को प्रदर्शित करेगा। संस्कृति मंत्रालय 'वंदे मातरम्: राष्ट्र की आत्मा की पुकार' को अपनी झांकी में प्रस्तुत करेगा।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: विकसित भारत की ओर अग्रसर भारतीय स्कूली शिक्षा पर आधारित झांकी प्रस्तुत करेगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि गणतंत्र दिवस परेड की ये झांकियां भारत की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक गौरव, नवाचार, आत्मनिर्भरता और विकासशील दृष्टि को एक सशक्त और प्रेरणादायक रूप में देश-दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करेंगी।