चीन का विशाल शिपिंग बेड़ा और प्रमुख बंदरगाह समूह: एक नई पहचान
सारांश
Key Takeaways
- चीन का शिपिंग बेड़ा विश्व का सबसे बड़ा है।
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री माल ढुलाई में चीन की हिस्सेदारी एक-तिहाई है।
- शंघाई पोर्ट 16 वर्षों से पहले स्थान पर है।
- चान्के पोर्ट की स्थापना से व्यापारिक संभावनाएं बढ़ी हैं।
- नी ती का अनुभव 28 वर्षों का है, जिसमें उन्होंने 30 देशों की यात्रा की है।
बीजिंग, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पेइचिंग के समयानुसार, 9 मार्च को 14वीं चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) के चौथे पूर्णाधिवेशन के दौरान "प्रतिनिधि गलियारा" नामक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन पेइचिंग के जन वृहद भवन में किया गया। इस मौके पर चाइना कॉस्को शिपिंग कॉरपोरेशन (सीसीएससी) के वरिष्ठ कप्तान नी ती ने संवाददाताओं के साथ अपने अनुभव साझा किए।
नी ती ने बताया कि वे पिछले 28 वर्षों से शिपिंग उद्योग में कार्यरत हैं। इस दौरान वे दुनिया के 30 से अधिक देशों और क्षेत्रों की यात्रा कर चुके हैं, और उनके अनुसार, उनकी कुल समुद्री यात्रा की दूरी पृथ्वी का 30 बार चक्कर लगाने के बराबर है। उन्होंने कहा कि अपने लंबे अनुभव के दौरान, उन्होंने चीन के शिपिंग उद्योग में आए व्यापक और तीव्र परिवर्तनों को देखा है।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन के पास न केवल विश्व का सबसे बड़ा शिपिंग बेड़ा है, बल्कि विश्वस्तरीय बंदरगाहों का सबसे बड़ा समूह भी है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री माल ढुलाई में चीन की हिस्सेदारी लगभग एक-तिहाई है। नी ती ने बताया कि पेरू में चान्के पोर्ट के संचालन के साथ, शंघाई शहर के शंघाई पोर्ट और चान्के पोर्ट के बीच "दो-तरफ़ा यात्रा" अब संभव हो गई है। शंघाई पोर्ट लगातार 16 वर्षों से वार्षिक कंटेनर थ्रूपुट में पहले स्थान पर बना हुआ है। इस प्रक्रिया का हिस्सा बनने और इन परिवर्तनों का साक्षी बनकर उन्होंने गर्व व्यक्त किया।
(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)