क्या गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि होंगे?

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क्या गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि होंगे?

सारांश

गणतंत्र दिवस परेड 2024 में यूरोपीय संघ के नेता मुख्य अतिथि होंगे। 'बैटल एरे' फॉर्मेट का अनोखा प्रदर्शन होगा, जिसमें स्वदेशी हथियारों की झलक मिलेगी। जानिए इस परेड का महत्व और इसकी तैयारी के बारे में।

Key Takeaways

  • गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन 26 जनवरी को होगा।
  • यूरोपीय संघ के नेता मुख्य अतिथि होंगे।
  • 'बैटल एरे' फॉर्मेट का प्रदर्शन होगा।
  • स्वदेशी सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम में 2,500 कलाकार भाग लेंगे।

नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड की विस्तृत जानकारी साझा की। 26 जनवरी को होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे।

यह पहला अवसर है जब यूरोपीय संघ के दोनों प्रमुख नेता भारत में गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। परेड में यूरोपीय संघ के नौसैनिकों की एक छोटी टुकड़ी भी मार्च पास्ट करेगी, जो भारत-यूरोपीय संघ के मजबूत संबंधों का प्रतीक होगी।

इस वर्ष की परेड का फॉर्मेट अत्यंत नया और अनोखा होगा। पारंपरिक मार्चिंग के स्थान पर परेड में 'बैटल एरे' (रणभूमि व्यूह रचना) का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सैन्य उपकरणों और हथियारों को वास्तविक युद्ध के क्रम में प्रदर्शित किया जाएगा।

रक्षा सचिव ने बताया कि यह परिवर्तन सेना की युद्ध क्षमता और तैयारियों को दर्शाएगा।

परेड की मुख्य थीम 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के साथ-साथ 'आत्मनिर्भर भारत' है, इसलिए परेड में अधिकांश हथियार और सैन्य उपकरण स्वदेशी होंगे। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सर्फेस टू एयर मिसाइल, सुखोई फाइटर जेट, सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे।

राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों की झांकियां भी 'वंदे मातरम, स्वतंत्रता का मंत्र, और समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत' की थीम पर आधारित होंगी। कर्तव्य पथ पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में 2,500 कलाकार भाग लेंगे। इस वर्ष आम दर्शकों के लिए अब तक रिकॉर्ड 33 हजार टिकट बिक चुके हैं। कुल 77 हजार लोग परेड देख सकेंगे, जिनमें 10 हजार विशेष अतिथि शामिल हैं। ये विशेष अतिथि स्टार्टअप, सेल्फ हेल्प ग्रुप और अन्य माध्यमों से देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने वाले लोग होंगे।

कर्तव्य पथ पर बने एनक्लोजर (दर्शक क्षेत्र) को देश की विभिन्न नदियों के नाम पर रखा गया है, ताकि आम नागरिकों और वीआईपी के बीच का फर्क कम हो और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिले।

रक्षा सचिव ने कहा कि यह परेड न केवल उत्सव होगी, बल्कि भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता का एक शानदार प्रदर्शन होगी।

Point of View

बल्कि यह देश के सांस्कृतिक धरोहर और आत्मनिर्भरता को भी प्रदर्शित करेगी। यह अवसर हमें एकजुटता और विविधता में एकता का संदेश देगा।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

गणतंत्र दिवस परेड कब आयोजित होगी?
गणतंत्र दिवस परेड 26 जनवरी को आयोजित होगी।
इस साल की परेड का मुख्य थीम क्या है?
इस वर्ष की परेड का मुख्य थीम 'वंदे मातरम' और 'आत्मनिर्भर भारत' है।
कितने कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे?
2,500 कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
विशेष अतिथियों में कौन शामिल होंगे?
विशेष अतिथियों में स्टार्टअप और सेल्फ हेल्प ग्रुप के लोग शामिल होंगे।
परेड में कौन-कौन से हथियार प्रदर्शित होंगे?
ब्रह्मोस, आकाश, और सुखोई जैसे स्वदेशी हथियार प्रदर्शित होंगे।
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