क्या गणतंत्र दिवस शिविर में नौसेना प्रमुख ने एनसीसी कैडेट्स की सराहना की, बोले- ‘ब्रावो जुलु’?
सारांश
Key Takeaways
- एनसीसी युवाओं में देशभक्ति और अनुशासन को बढ़ावा देता है।
- कैडेट्स को ड्रोन और साइबर जैसे आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जाता है।
- नौसेना प्रमुख ने कैडेट्स को आत्मअनुशासन और निरंतर सीखने का महत्व बताया।
- समुद्री परिवेश की समझ बढ़ाने के लिए कैडेट्स को पुनीत सागर अभियान में शामिल किया जाता है।
- कैडेट्स को विभिन्न सांस्कृतिक प्रदर्शनों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने सोमवार को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने एनसीसी कैडेट के दिनों को याद करते हुए कहा कि इन युवा चेहरों में उन्हें भारत की सच्ची आत्मा, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की झलक दिखाई देती है। उन्होंने उत्कृष्ट टर्नआउट, सटीक ड्रिल, शानदार बैंड प्रदर्शन और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए कैडेट्स की सराहना करते हुए नौसैनिक शब्दावली में “ब्रावो जुलु” (उत्कृष्ट कार्य) कहा।
उनके आगमन पर थलसेना, नौसेना एवं वायुसेना विंग से आए एनसीसी कैडेट्स द्वारा उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। एडमिरल त्रिपाठी ने अपने स्वयं के एनसीसी कैडेट के दिनों को स्मरण करते हुए कैडेट्स को इस प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर के लिए चयनित होने पर बधाई दी।
नौसेना प्रमुख ने कहा कि एनसीसी युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को विकसित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लगभग 72,000 एनसीसी कैडेट्स द्वारा सिविल डिफेंस में दिए गए सराहनीय योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया और कैडेट्स द्वारा ड्रोन संचालन, साइबर जागरूकता जैसे अभिनव प्रशिक्षण की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन, “भारत का युवा वैश्विक भलाई की शक्ति है” का उल्लेख करते हुए एडमिरल त्रिपाठी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी समय के साथ कदमताल कर रहा है। ड्रिल और नेतृत्व प्रशिक्षण के साथ-साथ कैडेट्स को आधुनिक तकनीकों, डिजिटल प्रणालियों और उभरते क्षेत्रों जैसे ड्रोन एवं साइबर सिस्टम से परिचित कराया जा रहा है। तेजी से बदलती दुनिया में भारत को ऐसे युवा चाहिए जो अनुशासित और देशभक्त होने के साथ-साथ कुशल और तकनीकी रूप से सक्षम भी हों।
उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कैडेट्स को जीवन में सफलता हेतु पांच महत्वपूर्ण संदेश दिए। नौसेना प्रमुख ने कहा कि विचलनों से दूर रहकर आत्मअनुशासन का पालन करें। निरंतर सीखते रहें और स्वयं को अपडेट करें, ताकि तेजी से बदलती दुनिया में प्रासंगिक बने रहें। शारीरिक और नैतिक साहस का परिचय दें, लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल एवं कैप्टन महेन्द्र नाथ जैसे वीरों से प्रेरणा लें। “एक सभी के लिए, सभी एक के लिए” जैसी टीम भावना अपनाएं और कभी हार न मानें।
नौसेना प्रमुख ने एनसीसी कैडेट्स के प्रशिक्षण हेतु भारतीय नौसेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि पुनीत सागर अभियान और एक्सरसाइज सी विजिल में सहभागिता से कैडेट्स को समुद्री परिवेश की बेहतर समझ मिलती है। यह केवल कक्षा या ऑनलाइन सीख तक सीमित नहीं है, कैडेट्स को सीमैनशिप, सेलिंग व यॉटिंग, जहाजों पर प्रशिक्षण और यहां तक कि विदेशों में तैनाती का वास्तविक अनुभव भी मिलता है। इसका उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स को नौसैनिक जीवनशैली का समग्र अनुभव देना है।
एडमिरल त्रिपाठी ने कैडेट्स से एकता, अनुशासन और सत्यनिष्ठा को जीवन में आत्मसात करने और राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राजस्थान बिरला बालिका विद्यापीठ, पिलानी की कैडेट्स द्वारा आकर्षक बैंड प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात नौसेना प्रमुख ने फ्लैग एरिया का भ्रमण किया। यहां विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की संस्कृति, इतिहास एवं विकास को दर्शाया गया था। इसके अलावा, तकनीकी एवं शैक्षणिक प्रदर्शनी में कैडेट्स ने जहाजों और विमानों के स्थैतिक एवं क्रियाशील मॉडल प्रस्तुत किए।