क्या कांग्रेस ने जम्मू में कश्मीरी पंडितों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की?

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क्या कांग्रेस ने जम्मू में कश्मीरी पंडितों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की?

सारांश

इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने जम्मू में कश्मीरी पंडितों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की घोर निंदा की। यह घटना न केवल मानवाधिकारों की अवहेलना है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना पर भी चोट करती है। जानिए इस पर प्रमुख नेताओं की राय।

मुख्य बातें

कश्मीरी पंडितों का प्रदर्शन उनके अधिकारों की मांग के लिए था।
पुलिस की कार्रवाई न केवल असंवेदनशील थी, बल्कि लोकतंत्र की भावना पर भी चोट करती है।
उदय भानु चिब ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने जम्मू में कश्मीरी पंडितों के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अमानवीय और लोकतंत्र पर हमला करार दिया है।

उदय भानु चिब ने कहा कि कल जम्मू में कश्मीरी पंडितों ने अपने दशकों पुराने विस्थापन के दर्द और न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया था। लेकिन पुलिस ने इस पर कठोर कार्रवाई की, जो उनके दर्द से भी ज्यादा पीड़ादायक थी। प्रदर्शन के दौरान अजय साधु नामक एक व्यक्ति को पुलिस ने बेरहमी से पीटा और एक पुल से नीचे धकेल दिया। इससे उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

उन्होंने कहा, “जिस देश की आजादी और लोकतंत्र शांतिपूर्ण आंदोलनों से हासिल हुई है, क्या अब अपने जायज अधिकारों की मांग करना अपराध बन गया है? यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है।”

चिब ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के इस व्यवहार को असंवेदनशील और अमानवीय बताया। उन्होंने याद दिलाया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस केंद्र सरकार के अधीन काम करती है, इसलिए ऐसी घटनाएं केंद्र की जिम्मेदारी भी हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र की मूल भावना पर हमला बताया।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक से अपील की कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग की कि वे इस मामले की गंभीरता को समझें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास पुलिस और प्रशासन पर बना रहे।

चिब ने कश्मीरी पंडितों के साथ एकजुटता जताई और कहा कि उनकी पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास और न्याय के लिए ठोस कदम उठाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जम्मू में कश्मीरी पंडितों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर की गई पुलिस कार्रवाई ने न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है, बल्कि यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर भी आघात है। हमें ऐसे मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू में कश्मीरी पंडितों का प्रदर्शन क्यों हुआ?
कश्मीरी पंडितों ने अपने दशकों पुराने विस्थापन के दर्द और न्याय की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान क्या हुआ?
प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति को पुलिस ने बेरहमी से पीटा और एक पुल से नीचे धकेल दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
इंडियन यूथ कांग्रेस ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उदय भानु चिब ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अमानवीय और लोकतंत्र पर हमला बताया।
राष्ट्र प्रेस
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