क्या सीएम भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में टाइफाइड महामारी की स्थिति की समीक्षा के लिए हाई-लेवल मीटिंग की?
सारांश
Key Takeaways
- गांधीनगर में टाइफाइड महामारी की स्थिति पर हाई-लेवल मीटिंग।
- स्वास्थ्य विभाग और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के उपायों की समीक्षा।
- पानी की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश।
गांधीनगर, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में टाइफाइड महामारी के कारण उत्पन्न हालात में मरीजों के उपचार, बीमारी पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की गति बढ़ाने हेतु एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया।
गांधीनगर म्युनिसिपल कमिश्नर ने सीएम को बताया कि इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने काफी काम किया है और मामलों में धीरे-धीरे कमी आ रही है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने 85 सर्वे टीमों का गठन किया है और 1,58,000 से अधिक लोगों का सर्विलांस किया है।
क्लोरीन टैबलेट और ओआरएस पैकेट भी बड़ी मात्रा में वितरित किए गए हैं। पानी के रिसाव की मरम्मत को प्राथमिकता दी गई है और सभी जल स्रोतों में सुपर क्लोरीनेशन किया गया है।
पानी से होने वाली बीमारियों के बढ़ने से रोकने के लिए, मुख्यमंत्री ने गांधीनगर और राज्य के अन्य शहरी क्षेत्रों में रोजाना पीने के पानी के सैंपल लेने और पानी के सही होने और क्लोरीनेशन रिपोर्ट के बाद ही वितरण करने का निर्देश दिया।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने चल रहे पाइपलाइन कार्यों का फील्ड विजिट किया और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पानी की टेस्टिंग का दायरा बढ़ाने और रिसाव रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की।
डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग में भाग लिया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव टोपनो, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय कुमार, जल आपूर्ति और शहरी विकास के प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रमुख सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, शहरी क्षेत्र के स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. रतन कंवर गढ़विचरण, और गांधीनगर के म्युनिसिपल कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट ऑफिसर के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टर भी शामिल हुए।