गांधीनगर में 'नशा मुक्त भारत' जागरूकता कार्यक्रम: पारंपरिक खेलों से युवाओं को फिटनेस का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर, गुजरात में 25 अक्टूबर 2026 को नशा मुक्त भारत जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी थीम 'भारत के पारंपरिक खेलों का जश्न' रखी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शारीरिक फिटनेस, भारतीय पारंपरिक खेलों के महत्व और नशे से दूर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक करना था। यह आयोजन देशभर में चल रहे फिट इंडिया मूवमेंट की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में सामने आया।
आयोजन और भागीदार संस्थाएँ
यह कार्यक्रम गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस वेस्टर्न सेंटर ने युवा विकास मंच 'माई भारत' के साथ मिलकर आयोजित किया। इस संयुक्त पहल में 'माई भारत' (गुजरात) के स्टेट डायरेक्टर सचिन शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर पंकज यादव और असिस्टेंट डायरेक्टर श्रेयांश सिंह शामिल हुए। इसके अलावा, नवसारी की जिला युवा अधिकारी अमृता सुराना, पाटन की जिला युवा अधिकारी काजल सहरावत और जामनगर के जिला युवा अधिकारी विशाल नागराले ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
पारंपरिक खेलों की धूम
कार्यक्रम में कई रोचक पारंपरिक भारतीय खेलों और फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया — जिनमें लगोरी, रस्साकशी, बोरी दौड़, 'नशा मुक्त भारत' थीम पर आधारित सांप-सीढ़ी, 'नशे को हराएं' (कॉइन टॉस), 'फिटनेस चुनें' (रिंग टॉस), 'फिट इंडिया' फिटनेस चैलेंज और पेनल्टी शूट-आउट शामिल थे। इन गतिविधियों के ज़रिए टीम वर्क, अनुशासन और खेल भावना को प्रोत्साहित किया गया, साथ ही भारत की समृद्ध खेल विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाया गया। कार्यक्रम का समापन एक पुरस्कार समारोह से हुआ, जिसमें विभिन्न खेलों के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि का संदेश
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, पर्वतारोही निशा ने युवाओं के लिए एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्होंने फिटनेस, अनुशासन, सहनशक्ति, स्वस्थ जीवनशैली और नशीले पदार्थों से दूरी के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा, 'नशा मुक्त भारत' के संदेश को युवाओं तक पहुँचाने के प्रयास ज़रूरी हैं। निशा ने कहा: 'पारंपरिक खेलों को भी आज की पीढ़ी तक पहुँचाया जा रहा है, क्योंकि इन बच्चों को पता नहीं है कि पहले क्या-क्या गेम खेले जाते थे।'
विकसित भारत 2047 से जुड़ा विज़न
जामनगर के जिला युवा अधिकारी विशाल नागराले ने कहा कि 'नशा मुक्त भारत' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है, जो चाहते हैं कि भारत नशे से पूरी तरह मुक्त हो और युवा एक स्वस्थ जीवन जिएँ — ताकि 2047 तक विकसित भारत की कल्पना साकार की जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब देश में नशे की समस्या, विशेषकर युवाओं में, एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बनती जा रही है। SAI गांधीनगर और 'माई भारत' के इस संयुक्त प्रयास को फिट इंडिया मूवमेंट के उद्देश्यों को ज़मीनी स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।