24 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गांधीनगर में 'नशा मुक्त भारत' जागरूकता कार्यक्रम: पारंपरिक खेलों से युवाओं को फिटनेस का संदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गांधीनगर में 'नशा मुक्त भारत' जागरूकता कार्यक्रम: पारंपरिक खेलों से युवाओं को फिटनेस का संदेश

सारांश

गांधीनगर में SAI और 'माई भारत' ने मिलकर पारंपरिक खेलों — लगोरी, रस्साकशी, बोरी दौड़ — के ज़रिए युवाओं को नशे से दूर रहने और फिट जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। पर्वतारोही निशा की प्रेरणादायक उपस्थिति और विकसित भारत 2047 के विज़न से जुड़ा यह आयोजन फिट इंडिया मूवमेंट की ज़मीनी कड़ी बना।

मुख्य बातें

गांधीनगर में SAI के नेताजी सुभाष चंद्र बोस वेस्टर्न सेंटर और 'माई भारत' ने संयुक्त रूप से 'नशा मुक्त भारत' जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
थीम 'भारत के पारंपरिक खेलों का जश्न' — लगोरी, रस्साकशी, बोरी दौड़ सहित कई गतिविधियाँ शामिल।
मुख्य अतिथि पर्वतारोही निशा ने फिटनेस, अनुशासन और नशामुक्त जीवनशैली पर जागरूकता सत्र लिया।
'माई भारत' (गुजरात) के स्टेट डायरेक्टर सचिन शर्मा समेत नवसारी, पाटन और जामनगर के जिला युवा अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला युवा अधिकारी विशाल नागराले ने कार्यक्रम को विकसित भारत 2047 के प्रधानमंत्री के विज़न से जोड़ा।

गांधीनगर, गुजरात में 25 अक्टूबर 2026 को नशा मुक्त भारत जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी थीम 'भारत के पारंपरिक खेलों का जश्न' रखी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शारीरिक फिटनेस, भारतीय पारंपरिक खेलों के महत्व और नशे से दूर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक करना था। यह आयोजन देशभर में चल रहे फिट इंडिया मूवमेंट की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में सामने आया।

आयोजन और भागीदार संस्थाएँ

यह कार्यक्रम गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस वेस्टर्न सेंटर ने युवा विकास मंच 'माई भारत' के साथ मिलकर आयोजित किया। इस संयुक्त पहल में 'माई भारत' (गुजरात) के स्टेट डायरेक्टर सचिन शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर पंकज यादव और असिस्टेंट डायरेक्टर श्रेयांश सिंह शामिल हुए। इसके अलावा, नवसारी की जिला युवा अधिकारी अमृता सुराना, पाटन की जिला युवा अधिकारी काजल सहरावत और जामनगर के जिला युवा अधिकारी विशाल नागराले ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

पारंपरिक खेलों की धूम

कार्यक्रम में कई रोचक पारंपरिक भारतीय खेलों और फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया — जिनमें लगोरी, रस्साकशी, बोरी दौड़, 'नशा मुक्त भारत' थीम पर आधारित सांप-सीढ़ी, 'नशे को हराएं' (कॉइन टॉस), 'फिटनेस चुनें' (रिंग टॉस), 'फिट इंडिया' फिटनेस चैलेंज और पेनल्टी शूट-आउट शामिल थे। इन गतिविधियों के ज़रिए टीम वर्क, अनुशासन और खेल भावना को प्रोत्साहित किया गया, साथ ही भारत की समृद्ध खेल विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाया गया। कार्यक्रम का समापन एक पुरस्कार समारोह से हुआ, जिसमें विभिन्न खेलों के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि का संदेश

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, पर्वतारोही निशा ने युवाओं के लिए एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्होंने फिटनेस, अनुशासन, सहनशक्ति, स्वस्थ जीवनशैली और नशीले पदार्थों से दूरी के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा, 'नशा मुक्त भारत' के संदेश को युवाओं तक पहुँचाने के प्रयास ज़रूरी हैं। निशा ने कहा: 'पारंपरिक खेलों को भी आज की पीढ़ी तक पहुँचाया जा रहा है, क्योंकि इन बच्चों को पता नहीं है कि पहले क्या-क्या गेम खेले जाते थे।'

विकसित भारत 2047 से जुड़ा विज़न

जामनगर के जिला युवा अधिकारी विशाल नागराले ने कहा कि 'नशा मुक्त भारत' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है, जो चाहते हैं कि भारत नशे से पूरी तरह मुक्त हो और युवा एक स्वस्थ जीवन जिएँ — ताकि 2047 तक विकसित भारत की कल्पना साकार की जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब देश में नशे की समस्या, विशेषकर युवाओं में, एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बनती जा रही है। SAI गांधीनगर और 'माई भारत' के इस संयुक्त प्रयास को फिट इंडिया मूवमेंट के उद्देश्यों को ज़मीनी स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे एकदिवसीय आयोजन दीर्घकालिक व्यवहार-परिवर्तन ला पाते हैं। गौरतलब है कि देश में नशे की लत, विशेषकर युवाओं में, एक बढ़ती हुई समस्या है जिसके लिए केवल जागरूकता कार्यक्रमों से परे नीतिगत और पुनर्वास-केंद्रित दृष्टिकोण की ज़रूरत है। SAI और 'माई भारत' की साझेदारी फिट इंडिया मूवमेंट को ज़मीनी स्तर पर ले जाने की सही दिशा में है, पर इसकी प्रभावशीलता तभी मापी जा सकेगी जब इन कार्यक्रमों की निरंतरता और प्रतिभागियों की जीवनशैली में वास्तविक बदलाव का आकलन किया जाए।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नशा मुक्त भारत' गांधीनगर कार्यक्रम क्या था?
यह SAI के नेताजी सुभाष चंद्र बोस वेस्टर्न सेंटर, गांधीनगर और 'माई भारत' द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम था, जिसमें पारंपरिक भारतीय खेलों के ज़रिए युवाओं को नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसकी थीम 'भारत के पारंपरिक खेलों का जश्न' थी।
कार्यक्रम में कौन-कौन से खेल आयोजित किए गए?
कार्यक्रम में लगोरी, रस्साकशी, बोरी दौड़, 'नशा मुक्त भारत' थीम पर सांप-सीढ़ी, कॉइन टॉस, रिंग टॉस, 'फिट इंडिया' फिटनेस चैलेंज और पेनल्टी शूट-आउट जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। इन खेलों के माध्यम से टीम वर्क, अनुशासन और भारत की पारंपरिक खेल विरासत को बढ़ावा दिया गया।
पर्वतारोही निशा ने कार्यक्रम में क्या संदेश दिया?
मुख्य अतिथि पर्वतारोही निशा ने फिटनेस, अनुशासन, सहनशक्ति और नशीले पदार्थों से दूर रहने के महत्व पर जागरूकता सत्र लिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेलों को आज की पीढ़ी तक पहुँचाना उतना ही ज़रूरी है जितना नशे से दूर रहने का संदेश देना।
इस कार्यक्रम का 'विकसित भारत 2047' से क्या संबंध है?
जामनगर के जिला युवा अधिकारी विशाल नागराले के अनुसार, 'नशा मुक्त भारत' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है और युवाओं को नशे से दूर रखना 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनिवार्य है। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक ज़मीनी प्रयास है।
'माई भारत' और SAI की यह पहल फिट इंडिया मूवमेंट से कैसे जुड़ी है?
'माई भारत' और SAI गांधीनगर की इस संयुक्त पहल का उद्देश्य फिट इंडिया मूवमेंट के लक्ष्यों को युवाओं तक व्यावहारिक और मनोरंजक तरीके से पहुँचाना है। पारंपरिक खेलों को माध्यम बनाकर शारीरिक सक्रियता और नशामुक्त जीवन दोनों का संदेश एक साथ दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले