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12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तरकाशी में हजारों ने किया योगाभ्यास, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम भी रहे केंद्र

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12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तरकाशी में हजारों ने किया योगाभ्यास, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम भी रहे केंद्र

सारांश

उत्तरकाशी में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गंगोत्री-यमुनोत्री धाम से लेकर दूरस्थ विकासखंडों तक हजारों लोगों ने योगाभ्यास किया। 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता की नई मिसाल पेश की।

मुख्य बातें

21 जून 2025 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तरकाशी जनपद में हजारों लोगों ने योगाभ्यास किया।
इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' रही; गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित सभी विकासखंडों में कार्यक्रम आयोजित हुए।
जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजकीय आदर्श कीर्ति इंटर कॉलेज, उत्तरकाशी में हुआ।
श्री गंगोत्री धाम में शिवानंद आश्रम के साधकों ने विशेष शिविर आयोजित किया, जिसमें आईटीबीपी , एसडीआरएफ व पीएसी के जवान और विदेशी श्रद्धालु भी शामिल हुए।
गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने नागरिकों को योग को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

उत्तरकाशी में 21 जून 2025 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जनपद भर में हजारों नागरिकों ने एकजुट होकर योगाभ्यास किया। इस वर्ष 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत आयोजित कार्यक्रमों में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम से लेकर दूरस्थ विकासखंडों तक उत्साह देखने को मिला। यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में योग की जड़ें और गहरी होने का संकेत भी दिया।

मुख्य आयोजन और कार्यक्रम

जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजकीय आदर्श कीर्ति इंटर कॉलेज, उत्तरकाशी में आयोजित हुआ। दीप प्रज्ज्वलन और योग के महत्व पर केंद्रित संदेश के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित जनसमूह को योगासन, प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न शारीरिक क्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास कराया। शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, तनाव मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के विषय पर भी विस्तृत जानकारी साझा की गई।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि योग आज भारत की सीमाओं से निकलकर पूरे विश्व में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है।' उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि जनपद के दोनों धामों, सभी विकासखंडों और विभिन्न संस्थानों में योग दिवस के कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग का महत्व और अधिक बढ़ गया है, तथा नियमित योगाभ्यास से कार्यक्षमता, एकाग्रता और मानसिक दृढ़ता में वृद्धि होती है।

गंगोत्री धाम में विशेष योग शिविर

श्री गंगोत्री धाम के मंदिर परिसर में शिवानंद आश्रम के योग साधकों द्वारा विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पुलिस, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और पीएसी के जवानों के साथ-साथ देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन शांतिपूर्ण और सफल रहा। गौरतलब है कि पवित्र धाम परिसर में इस प्रकार के योग शिविर का आयोजन आध्यात्मिकता और स्वास्थ्य के संगम का अनूठा उदाहरण है।

आम जनता की भागीदारी

जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में भी युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बड़ी संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लेकर स्वास्थ्य के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अभी भी एक चुनौती बनी हुई है, और योग जैसी सुलभ पद्धतियाँ इस अंतर को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

उपस्थित गणमान्य

कार्यक्रम में दर्जाधारी राज्यमंत्री प्रताप सिंह पंवार, नगरपालिका अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. जे.एन. नौटियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत और मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आने वाले वर्षों में उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जनपदों में योग को स्थायी जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में यह आयोजन एक ठोस कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या ये आयोजन केवल वार्षिक औपचारिकता बनकर रह जाते हैं या इनका दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभाव भी मापा जाता है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के बीच योग को नीतिगत स्वास्थ्य ढाँचे से जोड़ना ज़रूरी है, न कि इसे केवल उत्सव तक सीमित रखना। जब तक योग प्रशिक्षण को स्थायी सामुदायिक कार्यक्रमों से नहीं जोड़ा जाता, तब तक ये भव्य आयोजन सुर्खियों से आगे नहीं जा सकते।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कब और कहाँ मनाया गया?
12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को मनाया गया। उत्तरकाशी जनपद में गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित सभी विकासखंडों और दूरस्थ क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुए।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम क्या थी?
वर्ष 2025 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' रही। इस थीम के अंतर्गत बुजुर्गों और सभी आयु वर्गों के लिए योगाभ्यास को प्रोत्साहित किया गया।
गंगोत्री धाम में योग दिवस पर क्या विशेष हुआ?
श्री गंगोत्री धाम के मंदिर परिसर में शिवानंद आश्रम के योग साधकों द्वारा विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, पीएसी के जवान और देश-विदेश से आए श्रद्धालु शामिल हुए।
उत्तरकाशी में जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?
जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजकीय आदर्श कीर्ति इंटर कॉलेज, उत्तरकाशी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन के बाद प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया।
योग दिवस पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्या संदेश दिया?
गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने नागरिकों से योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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