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क्या राहुल गांधी संवैधानिक पद पर बैठे लोगों का अपमान कर रहे हैं? : गौरव भाटिया

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क्या राहुल गांधी संवैधानिक पद पर बैठे लोगों का अपमान कर रहे हैं? : गौरव भाटिया

सारांश

गौरव भाटिया ने राहुल गांधी की भाषा और उनके कार्यों पर सवाल उठाया है। क्या कांग्रेस की 'वोटर अधिकार यात्रा' में तिरंगे का अपमान हुआ? जानिए पूरी कहानी इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

गौरव भाटिया ने राहुल गांधी के बड़बोलेपन पर सवाल उठाया।
'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान तिरंगे का अपमान हुआ।
राजनीतिक संवाद में मर्यादा का पालन होना चाहिए।
राहुल गांधी की भाषा अपरिपक्व है।
राजनीति में गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस की 'वोटर अधिकार यात्रा' पर तीखा हमला बोला। गौरव भाटिया ने राहुल गांधी की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से शब्दों की मर्यादा को तार-तार करके नेता प्रतिपक्ष तू-तड़ाक कर रहे हैं, वह यह प्रदर्शित करता है कि वह अब बड़बोले बन गए हैं।

उन्होंने कहा, "जिस प्रकार से शब्दों की मर्यादा को लांघते हुए तू-तड़ाक कर रहे हैं, वह अशोभनीय है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।"

गौरव भाटिया ने आगे कहा, "राहुल गांधी ने कभी भी ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जो शोभनीय हो। उनकी भाषा का स्तर अपरिपक्व है। अब यह कहना गलत नहीं होगा कि तू-तड़ाक करना उनके डीएनए में समा गया है।"

उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार में आयोजित 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान तिरंगे का अपमान किया। "बिहार की पावन धरती पर उनके द्वारा तिरंगे को पैरों से कुचलना और इस पर चुप रहना, यह दर्शाता है कि वह घुसपैठियों से घिरे हैं। यह कृत्य देश और बिहार की जनता को आहत करता है।"

भाटिया ने कांग्रेस पर बिहारियों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों का आरोप लगाते हुए कहा, "पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था कि बिहार के लोग पंजाब में घुसपैठ करते हैं।"

इसके अतिरिक्त, उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर भी निशाना साधा। भाटिया ने कहा, "स्टालिन बिहार में थे, लेकिन कांग्रेस का संदेश क्या है? जो बिहार का अपमान करेगा, उसे स्टार प्रचारक बनाया जाएगा।"

भाजपा नेता ने कहा, "जब राहुल गांधी से सीएम पद के चेहरे के बारे में पूछा गया, तो वह बात टालने लगे। इससे साफ है कि महाठगबंधन का चरित्र सिर्फ अभद्र भाषा का उपयोग करना और बिहार की अस्मिता को ठेस पहुंचाना है। जनता उन्हें करारा जवाब देगी और हम भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे, क्योंकि बिहार के सम्मान से कोई समझौता नहीं हो सकता।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना आवश्यक है कि राजनीतिक संवाद में मर्यादा का पालन होना चाहिए। इस प्रकार की भाषा और व्यवहार से देश की राजनीति में और अधिक विषाक्तता बढ़ती है, जो कि किसी के लिए भी लाभदायक नहीं है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर अशोभनीय भाषा का उपयोग करने और तिरंगे का अपमान करने के आरोप लगाए।
राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' में क्या हुआ?
राहुल गांधी की यात्रा के दौरान तिरंगे को पैरों से कुचलने का आरोप लगाया गया, जिसे गौरव भाटिया ने गंभीरता से लिया।
क्या राजनीतिक संवाद में मर्यादा जरूरी है?
जी हां, राजनीतिक संवाद में मर्यादा का पालन होना आवश्यक है ताकि लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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