क्या गौरव गोगोई ने गणतंत्र दिवस समारोह में भाग नहीं लिया?
सारांश
Key Takeaways
- गौरव गोगोई पर भाजपा का हमला
- गणतंत्र दिवस में भाग न लेने के आरोप
- राजनीतिक रणनीतियों का खेल
- समाज में राष्ट्रवाद का उपयोग
- असम की राजनीति में उठापटक
गुवाहाटी, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम शाखा ने सोमवार को कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष गौरव गोगोई पर अपने राजनीतिक हमले को और तेज कर दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि उन्होंने गणतंत्र दिवस समारोह में भाग नहीं लिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, भाजपा ने कहा कि हम एक लापता व्यक्ति की सूचना दे रहे हैं। इस गणतंत्र दिवस पर असम के लोग गौरव गोगोई को नहीं ढूंढ पा रहे हैं।
पोस्ट में यह भी कहा गया कि हालांकि गोगोई गणतंत्र दिवस मनाने के लिए बाध्य नहीं थे, लेकिन पार्टी को उम्मीद है कि यह बात गलत साबित होगी और कहा गया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए उनकी एक तस्वीर भी काफी होगी।
राज्य मंत्री पीयूष हजारिका ने भी एक्स पर पोस्ट किया और दावा किया है कि असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सूत्रों ने पुष्टि की है कि उनके अध्यक्ष गुवाहाटी में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए।
हजारिका ने लिखा कि असम कांग्रेस में मेरे सूत्रों ने पुष्टि की है कि उनके अध्यक्ष गुवाहाटी में गणतंत्र दिवस समारोह में भाग नहीं ले पाए।
यह ताजा हमला उस समय आया है जब भाजपा गोगोई के कथित पाकिस्तान से संबंधों पर लगातार हमला कर रही है, जो हाल के महीनों में असम की राजनीतिक चर्चा का मुख्य विषय रहा है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा समेत भाजपा नेताओं ने बार-बार गोगोई पर पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध संबंध रखने का आरोप लगाया है, और कहा है कि ऐसे संबंध उनकी राजनीतिक मंशा और विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं।
गोगोई और कांग्रेस ने बार-बार इन आरोपों को निराधार, राजनीतिक रूप से प्रेरित और शासन संबंधी मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है।
कांग्रेस नेतृत्व ने भाजपा पर राष्ट्रवाद को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करके विरोधियों को बदनाम करने का आरोप लगाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गणतंत्र दिवस विवाद भाजपा की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह असम में कांग्रेस के प्रमुख चेहरे माने जाने वाले गोगोई पर ध्यान केंद्रित रखना चाहती है।