गौतम अदाणी ने अयोध्या में श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त कर भारत के लिए एकता और समृद्धि की कामना की
सारांश
Key Takeaways
- गौतम अदाणी ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।
- उन्होंने हनुमान जयंती पर एकता और समृद्धि का आशीर्वाद माँगा।
- अदाणी ने अपने परिवार के साथ इस पवित्र स्थान पर पूजा की।
- इस यात्रा ने भारतीय संस्कृति और आस्था को उजागर किया।
- उन्होंने छात्रों और अध्यापकों से भी मुलाकात की।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर रामनगरी अयोध्या का दौरा किया। यहाँ उन्होंने अपने परिवार के साथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन किए और विधि-विधान के साथ पूजा की। इस मौके की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा कीं।
गौतम अदाणी ने कहा कि भगवान राम का जीवन मर्यादा, करुणा, और कर्तव्य का प्रतीक है और उनके आदर्श हमें धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर उन्होंने कहा, "प्रभु श्रीराम और बजरंगबली भारत को एकता, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद दें।"
गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने परिवार के साथ खींची गई तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "आज अयोध्या जी में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दर्शन कर प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। श्रीराम का जीवन मर्यादा, करुणा और कर्तव्य का प्रतीक है और उनके आदर्श हमें निरंतर धर्म और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हनुमान जयंती के इस पावन अवसर पर इस पवित्र भूमि पर परिवार सहित आकर मन को असीम संतोष मिला। प्रभु श्रीराम और बजरंगबली भारत को एकता, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद दें। सियावर रामचंद्र की जय।"
इससे पहले, गौतम अदाणी ने भगवान रामलला के दर्शन करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "मुझे और मेरे परिवार को अयोध्या में भगवान राम के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। यह एक भावुक और गर्व का क्षण है। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है। भगवान श्रीराम के आदर्श हमें सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। मैं प्रार्थना करता हूँ कि प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे और हमारा देश प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़े।"
अदाणी ग्रुप के अध्यक्ष अपने परिवार के साथ गुरुकुल महाविद्यालय भी गए, जहाँ उन्होंने छात्रों और अध्यापकों से बातचीत की। यहाँ गुरुकुल के अधिकारियों ने उन्हें एक पुस्तक भेंट की।