क्या जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का दो दिवसीय भारत दौरा, गांधी नगर में पीएम मोदी से मुलाकात करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- फ्रेडरिक मर्ज का भारत दौरा 12-13 जनवरी को है।
- वे पीएम मोदी से गांधी नगर में मुलाकात करेंगे।
- दौरे का मुख्य उद्देश्य व्यापार और निवेश में सहयोग बढ़ाना है।
- फ्रेडरिक मर्ज साबरमती आश्रम और काइट फेस्टिवल में भी भाग लेंगे।
- दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की उम्मीद है।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अहमदाबाद के अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुँचने वाले हैं। यह जर्मन चांसलर 12 और 13 जनवरी को भारत में रहेंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई सूचना के अनुसार, फ्रेडरिक 12 जनवरी को रात 1 बजकर 55 मिनट पर अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुँचेंगे। इसके बाद सुबह साढ़े नौ बजे वह साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे।
इसके बाद, जर्मन चांसलर 10 बजे काइट फेस्टिवल में भाग लेंगे। 11 बजकर पांच मिनट पर वह गांधी नगर के महात्मा मंदिर में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। मुलाकात के बाद, दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर एक प्रेस स्टेटमेंट जारी किया जाएगा।
दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर, फ्रेडरिक मर्ज गांधीनगरदांडी कुटीर का दौरा करेंगे। यह संग्रहालय महात्मा गांधी को समर्पित है, जो उनके ऐतिहासिक दांडी मार्च का प्रतीक है।
इसके बाद, 13 जनवरी को जर्मन चांसलर सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। फिर 10 बजकर 20 मिनट पर वह केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पहुँचेंगे।
वह 11 बजकर 20 मिनट पर अयप्पा गार्डन, अदुगोडी कैंपस में स्थित बॉश का दौरा करेंगे। 1 बजकर 30 मिनट पर सीवी रमन एवेन्यू में नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग, सीईएनएसई पहुँचेंगे। इसके बाद, 2 बजकर 25 मिनट पर बेंगलुरु से अपने देश रवाना होंगे।
भारत और जर्मनी के रणनीतिक साझेदारी को हाल ही में 25 साल पूरे हुए हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी और मर्ज के बीच की बैठक में व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कौशल विकास और गतिशीलता के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा, दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान, हरित और सतत विकास तथा लोगों के बीच संबंधों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पर भी विचार विमर्श किया जा सकता है।