जीओएम की तीसरी बैठक: एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति पर जोर
सारांश
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नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में निरंतर बदलते हालात के बीच, भारत सरकार पूरी तरह से चौकस और सक्रिय बनी हुई है। इसी संदर्भ में, बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) की तीसरी बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और इसके भारत पर संभावित प्रभावों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर, रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान, रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस (एलपीजी), पेट्रोल, डीजल और किसानों के लिए उर्वरकों की आपूर्ति को निरंतर बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही, देशभर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुचारु रखने के लिए प्रभावी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार संभावित संकटों से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी को मजबूत कर रही है। उनका कहना था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सतत निगरानी और समय पर निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार की भूमिका को भी इस दौरान रेखांकित किया गया। कहा गया कि सरकार देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के प्रभाव से सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रभावी कार्य कर रही है और हर स्तर पर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
इससे पहले, 2 अप्रैल को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में इसी समूह की दूसरी बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक में भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहन चर्चा हुई थी और संभावित खतरों को कम करने के लिए रणनीति तैयार की गई थी। रक्षा मंत्री ने उस दौरान कहा था कि भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए और इसके लिए 24 घंटे निगरानी के साथ संतुलित और सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना आवश्यक है। दूसरी बैठक में यह भी जोर दिया गया था कि सरकार को ऐसे सभी कदम उठाने चाहिए, जिससे देश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य आपूर्ति पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। साथ ही विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर भी बल दिया गया था।
राजनाथ सिंह ने घरेलू उड़ानों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन की कीमतों में मासिक वृद्धि पर 25 प्रतिशत की सीमा लगाने के सरकार के निर्णय की सराहना की, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी है। उन्होंने कहा कि इस कदम से लोगों को अचानक किराया बढ़ने से बचाने में मदद मिलेगी। सरकार ने घरेलू एलपीजी आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, और खपत की आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा करने के लिए रिफाइनरी उत्पादन को बढ़ाया गया है।
मंत्रियों के समूह को बताया गया था कि एलपीजी वितरकों की ओर से कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वितरण सामान्य कार्यक्रम के अनुसार जारी है। जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाओं के कारण आपूर्ति संबंधी अस्थायी चिंताएं उत्पन्न हुईं, जिससे कुछ इलाकों में घबराहट फैल गई थी।
मंत्रियों को सूचित किया गया था कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए कई राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी की जा रही है और सख्त कार्रवाई की जा रही है। कुछ एलपीजी वितरकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है जो अनियमितताओं में लिप्त थे।
प्रवासी श्रमिकों और कम खपत वाले परिवारों का सहयोग करने के लिए सरकार 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है। ऐसे राज्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां मांग अधिक है।