महाराष्ट्र ने विंगग्रुप के साथ 6.5 बिलियन डॉलर का समझौता किया, ईवी मोबिलिटी को मिलेगी नई गति

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महाराष्ट्र ने विंगग्रुप के साथ 6.5 बिलियन डॉलर का समझौता किया, ईवी मोबिलिटी को मिलेगी नई गति

सारांश

महाराष्ट्र सरकार का विंगग्रुप के साथ किया गया 6.5 बिलियन डॉलर का समझौता, ईवी मोबिलिटी और शहरी विकास में एक नई दिशा को दर्शाता है। यह ठोस साझेदारी भविष्य के लिए कई अवसर खोल सकती है।

Key Takeaways

  • 6.5 बिलियन डॉलर का समझौता महाराष्ट्र और विंगग्रुप के बीच हुआ।
  • ईवी मोबिलिटी और शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
  • समझौते से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • संयुक्त कार्य समूह गठित किया जाएगा।
  • यह वियतनाम और भारत के बीच राज्य-स्तरीय सहयोग का सबसे बड़ा उदाहरण है।

मुंबई, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र राज्य सरकार और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने वियतनाम के प्रमुख निजी समूह विंगग्रुप के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते के अंतर्गत, महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मोबिलिटी, एकीकृत शहरी टाउनशिप, नवीकरणीय ऊर्जा, और सामाजिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में 6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 55,000 करोड़ रुपए) का निवेश आने की अपेक्षा है। यह एमओयू मुंबई 3.0 परियोजना और सतत शहरी विकास को नई गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समझौते के मुख्य दायरे में लगभग 1000 हेक्टेयर में एकीकृत टाउनशिप का विकास, महाराष्ट्र में 60,000 इलेक्ट्रिक वाहनों का लक्ष्य, विश्व स्तरीय मनोरंजन पार्क, पर्यटन विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, और स्मार्ट शहरी सेवाएं शामिल हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "यह एमओयू महाराष्ट्र के विकास में एक ऐतिहासिक पल है। 'विंगग्रुप' का यह बड़ा निवेश हमारे शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेगा, सस्टेनेबल मोबिलिटी को बढ़ावा देगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा। महाराष्ट्र एक बिजनेस-फ्रेंडली माहौल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

एमएमआरडीए के मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि यह सहयोग मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को विश्व स्तरीय आर्थिक शक्ति बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि एमएमआर क्षेत्र पहले से ही राष्ट्रीय जीडीपी में 6 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रहा है और इस प्रकार की पहलों से यह योगदान और बढ़ेगा।

विंगग्रुप के एशिया सीईओ फाम सान्ह चाऊ ने कहा, "महाराष्ट्र एशिया के सबसे गतिशील विकास क्षेत्रों में से एक है। हम अपनी विशेषज्ञता इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एकीकृत शहरी विकास और सस्टेनेबल इकोसिस्टम में लेकर आए हैं। हम महाराष्ट्र में दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं।"

यह समझौता वियतनाम और भारत के बीच राज्य-स्तरीय निवेश सहयोग का अब तक का सबसे बड़ा उदाहरण है। यह महाराष्ट्र को ईवी ट्रांजिशन और हरित इंफ्रास्ट्रक्चर में अगुवाई करने में मदद करेगा। समझौते को लागू करने के लिए संयुक्त कार्य समूह गठित किया जाएगा, परियोजना-स्तरीय अध्ययन होंगे और महाराष्ट्र सरकार द्वारा सिंगल-विंडो मंजूरी की व्यवस्था की जाएगी।

विंगग्रुप वियतनाम का सबसे बड़ा निजी समूह है, जो विनफास्ट (ईवी), विनहोम्स (रियल एस्टेट), और विन एनर्जो (नवीकरणीय ऊर्जा) जैसे ब्रांड्स के लिए प्रसिद्ध है। यह समूह एकीकृत विकास मॉडल के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है।

यह एमओयू महाराष्ट्र को सतत शहरीकरण और नवाचार का एक वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दोनों पक्षों ने भविष्य में प्रोजेक्ट-विशिष्ट समझौतों के माध्यम से इस साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।

Point of View

जिसका उद्देश्य महाराष्ट्र की शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। यह विकास का एक महत्वपूर्ण चरण है, जो दीर्घकालिक साझेदारियों को दर्शाता है।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

विंगग्रुप क्या है?
विंगग्रुप वियतनाम का सबसे बड़ा निजी समूह है, जो इलेक्ट्रिक वाहन, रियल एस्टेट और नवीकरणीय ऊर्जा में सक्रिय है।
यह समझौता किस विषय पर है?
यह समझौता इलेक्ट्रिक वाहन मोबिलिटी, एकीकृत शहरी विकास, और नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर है।
इस समझौते से महाराष्ट्र को क्या लाभ होगा?
इससे महाराष्ट्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
समझौते का कुल मूल्य क्या है?
इस समझौते का कुल मूल्य 6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।
क्या यह समझौता दीर्घकालिक है?
हां, यह समझौता दीर्घकालिक साझेदारी के लिए बनाया गया है।
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